Bihar Teacher Transfer: राज्य के हजारों सरकारी शिक्षकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। बिहार में शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। विधान परिषद चुनाव के मद्देनजर लागू आदर्श आचार संहिता के कारण निर्वाचन विभाग ने यह फैसला लिया है, जिससे तबादले की उम्मीद लगाए बैठे शिक्षकों को झटका लगा है।
उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अशोक प्रियदर्शी ने शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रोशन को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि बिहार विधान परिषद के शिक्षा एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन 2026 के लिए आदर्श आचार संहिता प्रभावी है। भारत निर्वाचन आयोग से इस संबंध में मार्गदर्शन मांगा गया था, जिसके बाद 7 अक्टूबर 2026 को आयोग की तरफ से निर्देश प्राप्त हुए।
इन निर्देशों के आलोक में, बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 के तहत चल रही स्थानांतरण प्रक्रिया को निर्वाचन प्रक्रिया की समाप्ति तक स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। इसका सीधा अर्थ है कि चुनाव संपन्न होने तक शिक्षक अपने पसंदीदा स्थानों पर तबादले के लिए इंतजार करेंगे।
क्यों टली शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया?
निर्वाचन विभाग ने 8 अक्टूबर 2026 को जारी अपने पत्र में बताया कि बिहार विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक चुनाव 2026 के चलते पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू है। इसी वजह से शिक्षकों के स्थानांतरण से जुड़ी सभी गतिविधियों पर फिलहाल विराम लगा दिया गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, बिहार ने शिक्षा विभाग को इस फैसले की जानकारी दी।
गौरतलब है कि बिहार सरकार ने सरकारी शिक्षकों के लिए बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 लागू की थी। इसके तहत ऑनलाइन माध्यम से स्थानांतरण के लिए आवेदन करने और अपनी पसंद के स्थान का विकल्प चुनने की सुविधा दी गई थी। बड़ी संख्या में शिक्षकों ने इस प्रक्रिया में भाग लिया था और वे तबादले की अगली कार्रवाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
भारत निर्वाचन आयोग का आदेश
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने अपने पत्र में भारत निर्वाचन आयोग के 7 अक्टूबर 2026 के पत्र का भी हवाला दिया है। आयोग के निर्देशों के आधार पर ही बिहार में शिक्षक स्थानांतरण की प्रक्रिया को चुनाव संपन्न होने तक रोकने का फैसला लिया गया है। निर्वाचन विभाग ने शिक्षा विभाग को इस संबंध में सूचना देते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
इस फैसले से उन सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों पर सीधा असर पड़ेगा, जो स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत अपने स्थान परिवर्तन की उम्मीद लगाए बैठे थे। अब उन्हें विधान परिषद चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक इंतजार करना होगा।
चुनावी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 के तहत आगे की कार्रवाई शुरू होने की संभावना है। फिलहाल, निर्वाचन विभाग के सख्त निर्देशों के बाद स्थानांतरण प्रक्रिया पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है, और सभी की निगाहें चुनाव की समाप्ति पर टिकी हैं।







