Bihar Voter List: चुनावी विवादों के बीच बिहार में अब मतदाता सूची से छूटे हुए पात्र लोगों के नाम जोड़ने के लिए एक महीने का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कदम से नए और युवा मतदाताओं को भी सूची में शामिल होने का अवसर मिलेगा। बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने गुरुवार को इस अभियान की घोषणा की, जिससे राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत किया जा सके।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उन सभी पात्र मतदाताओं की पहचान की जाए, जिनका नाम किसी कारणवश वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं हो पाया है। साथ ही, पहली बार मतदान के योग्य हुए युवाओं का पंजीकरण भी इस अभियान की प्राथमिकता होगी। यह अभियान ऐसे समय में शुरू हो रहा है, जब राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद अपने चरम पर है।
बीएलओ की अहम भूमिका: घर-घर सत्यापन, फॉर्म 6 से जुड़ेगा नाम
इस विशेष अभियान में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। बीएलओ बूथ स्तर पर पात्र मतदाताओं की पहचान करेंगे और जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं मिलेगा, उनके लिए फॉर्म 6 भरवाएंगे। जरूरत पड़ने पर बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन भी करेंगे, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति छूट न जाए।
अभियान के दौरान तैयार की गई सभी जानकारी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा की जाएगी। इससे बूथ स्तर पर तैयार होने वाली मतदाता सूची की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सकेगी। निर्वाचन विभाग आवश्यकतानुसार अलग-अलग स्थानों पर विशेष कैंप भी लगाएगा। ऐसे इलाकों पर खास ध्यान दिया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में लोग वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं हो पाए हैं। मजदूरों की कॉलोनियों में भी कैंप लगाए जा सकते हैं, साथ ही रात्रि आश्रय स्थलों, बेघर लोगों और कमजोर वर्ग के लोगों तक पहुंचने की विशेष व्यवस्था की जाएगी।
राजनीतिक विवाद के बीच चुनाव आयोग का बड़ा फैसला
यह फैसला ऐसे समय आया है, जब बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार जारी है। विपक्षी दल चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठा रहे हैं और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं। गुरुवार को पटना में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्ष ने लोकभवन मार्च किया था, जिसमें महागठबंधन के बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने SIR को लेकर विरोध दर्ज कराया।
विधानसभा चुनाव से पहले हुए मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण में मृत लोगों के नाम हटाए गए थे। इसके अतिरिक्त, बिहार से बाहर जा चुके मतदाताओं और डुप्लीकेट नामों को भी सूची से हटाने की प्रक्रिया अपनाई गई थी। साथ ही, पात्र नए मतदाताओं के नाम जोड़ने का काम भी किया गया था। अब चुनाव आयोग का यह नया अभियान उन सभी पात्र लोगों तक पहुंचने पर केंद्रित होगा, जिनका नाम किसी कारणवश वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो सका है, विशेषकर पहली बार वोट डालने वाले युवा। इस पहल से उम्मीद है कि बिहार में कोई भी योग्य नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित नहीं रहेगा।







