Bihar Police: बिहार पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मानव तस्करी और जबरन बंधक बनाकर नर्तकी बनाए जाने के गिरोह का पर्दाफाश किया है। भोजपुर जिले में ‘ऑपरेशन नया सवेरा 3.0’ के तहत छापेमारी कर 12 लड़कियों को मुक्त कराया गया है। इनमें 3 बालिग और 9 नाबालिग लड़कियां शामिल हैं। इन लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर बुलाया गया था, लेकिन यहां उनसे जबरन नर्तकी का काम कराया जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने एक महिला समेत दो संचालकों को भी गिरफ्तार किया है।
कैसे हुआ खुलासा और क्या मिली जानकारी?
सदर एसडीपीओ वन सुशील कुमार ने बताया कि रविवार की दोपहर पुलिस को एक गोपनीय सूचना मिली थी। जानकारी के अनुसार, धोबहा थाना क्षेत्र के धोबहा बागीचे में करकट और टिन से बने एक घर में कुछ बालिग और नाबालिग लड़कियों को जबरन बंधक बनाकर रखा गया था। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने धोबहां बागीचे में छापेमारी की। पुलिस ने मौके से सभी 12 लड़कियों को सकुशल बरामद कर लिया।
पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि उन्हें रोजगार देने के नाम पर बुलाया गया था। लेकिन, यहां जबरन नर्तकी का काम कराया जा रहा था।
मुक्त कराई गई लड़कियों में से कुछ सीतामढ़ी, रोहतास, बक्सर और भोजपुर की रहने वाली हैं, जबकि अन्य पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से लाई गई थीं।
कौन हैं आरोपी और किस पर दर्ज हुआ मामला?
इस गिरोह के दो कथित संचालकों को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिला की पहचान उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले की निवासी जुली कुमारी के तौर पर हुई है, जबकि दूसरा आरोपी बबुरा गांव निवासी मुकेश कुमार पासवान है। लड़कियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम भी उजागर किए हैं, जिनमें धोबहा गांव निवासी केशो पासवान, किशोर राम और मानपुर गांव निवासी सोनू यादव शामिल हैं।
इस संबंध में पॉक्सो (POCSO), जेजे एक्ट (JJ Act) और चाइल्ड लेबर सहित अन्य सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस पुलिस टीम में महिला थानाध्यक्ष नीतू कुमारी, एएचटीयू शाखा की दारोगा गुड़िया कुमारी और धोबहा थानाध्यक्ष वर्षा रानी के साथ अन्य महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं।
पहले भी चला है ‘ऑपरेशन नया सवेरा’
यह पहली बार नहीं है जब भोजपुर पुलिस ने इस तरह का अभियान चलाया है। कुछ दिन पहले भी मुफस्सिल और उदवंतनगर थाना क्षेत्रों में पुलिस ने ‘ऑपरेशन नया सवेरा’ के तहत छापेमारी की थी। उस दौरान भी आर्केस्ट्रा में नर्तकी का काम करने वाली कई लड़कियों को मुक्त कराया गया था। यह अभियान मानव तस्करी और जबरन देह व्यापार पर नकेल कसने के लिए पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।







