Bihar Flood: नेपाल के गोरखा जिले में हुए एक बड़े भूस्खलन के बाद बिहार से सटे सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सुबह चुमनुब्री क्षेत्र में पहाड़ दरकने से नारायणी नदी की सहायक बूढ़ी गंडक का प्रवाह अचानक अवरुद्ध हो गया। इस घटना के कारण नदी में फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई, जिससे नेपाल के जगत क्षेत्र में पांच से सात मकान बह गए। हालांकि, इस प्राकृतिक आपदा में अभी तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बढ़ते जलस्तर ने चिंताएं बढ़ा दी हैं।
जल संसाधन विभाग ने इस पूरी स्थिति पर पैनी नजर रखी हुई है। विभाग के अनुसार, फिलहाल भारतीय क्षेत्र पर इस भूस्खलन का कोई विशेष प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है, फिर भी आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है। भूस्खलन प्रभावित स्थल भारत-नेपाल सीमा से लगभग 180 से 210 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
बूढ़ी गंडक का बढ़ा जलस्तर, बिहार बॉर्डर पर अलर्ट
नदी में जलप्रवाह अचानक बढ़ने से बूढ़ी गंडक के आसपास की बस्तियां प्रभावित हुई हैं। नेपाल के अधिकारियों ने नदी किनारे और निचले प्रवाह वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए तत्काल चेतावनी जारी कर दी है। सभी प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने और नदी तटों के समीप न जाने की सलाह दी गई है।
जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट बताती है कि भूस्खलन के कारण आया मटमैला पानी इस समय नेपाल के देवघाट क्षेत्र से गुजर रहा है। यह देवघाट वाल्मीकिनगर बैराज से करीब 80 किलोमीटर ऊपर स्थित है। इस जलप्रवाह के चलते गंडक नदी के जलस्तर में लगभग 27 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। विभाग ने आशंका जताई है कि नदी का जलस्तर 50 से 100 सेंटीमीटर तक और बढ़ सकता है, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।
अगले 24 घंटे अहम, विभाग की कड़ी निगरानी
राहत की बात यह है कि वर्तमान में नेपाल में बारिश नहीं हो रही है, जिससे स्थिति और बिगड़ने का तात्कालिक खतरा कम हुआ है। इसके बावजूद, जल संसाधन विभाग किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। अधिकारियों ने अगले 24 घंटों को महत्वपूर्ण बताया है और लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं ताकि बिहार के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।






