Bihar Politics: दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद बिहार की राजनीति में उबाल आ गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और केंद्र सरकार पर करारा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस के सहयोग से प्रदर्शनकारियों को पीटा जा रहा है, जिसे उन्होंने ‘RSS की गुंडागर्दी’ करार दिया।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने देश में ‘अघोषित आपातकाल’ जैसी स्थिति होने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए वे हर कुर्बानी देने को तैयार हैं। उनके इस बयान से बिहार में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
‘RSS की गुंडागर्दी, महिला विरोधी संघी’
‘पूरा देश RSS की गुंडागर्दी देख रहा है। अंग्रेजों के सामने जिनकी पैंट गीली हो जाती थी, वो RSS के गुंडे पुलिस के सहयोग से अब सरेआम हमारी बहन-बेटियों को पीट रहे हैं।’
तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में आगे कहा कि ‘ये संघी हमेशा महिला विरोधी रहे हैं।’ उन्होंने सीधे संघ प्रमुख मोहन भागवत से सवाल किया कि वे इस ‘गुंडागर्दी’ पर क्या कहेंगे। नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र सरकार पर एक व्यक्ति (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) को बचाने के लिए पूरे देश में अघोषित आपातकाल लागू करने का आरोप भी लगाया।
‘ये बेईमानी भी कर रहे हैं, सीनाजोरी भी कर रहे हैं, राष्ट्रद्रोह भी कर रहे हैं। फिर भी निडरता से लोकतंत्र को कुचल रहे हैं।’
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा कि उन्हें ऐसा करने के लिए किन अदृश्य शक्तियों का समर्थन हासिल है। तेजस्वी यादव के अनुसार, सरकार बेईमानी, सीनाजोरी और राष्ट्रद्रोह कर रही है, और निडरता से लोकतंत्र को कुचल रही है।
लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हर कुर्बानी को तैयार
अपने पोस्ट के अंत में, तेजस्वी यादव ने दोहराया कि वे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन और लोगों के अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया। तेजस्वी ने कहा कि सरकारी मशीनरी और पुलिस बल के सहारे दिल्ली आ रहे लोगों को रोका गया, जो लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों का हनन है।
जयप्रकाश नारायण की जयंती और दिनकर की कविता का जिक्र
इससे पहले भी, लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार को घेरा था। उन्होंने दावा किया कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों को कुचला जा रहा है। तेजस्वी यादव ने संकल्प लिया कि अहंकारी, तानाशाही और अलोकतांत्रिक सरकार को जड़ से उखाड़ फेंकने तक वे शांत नहीं बैठेंगे।
‘हम न तो गोली से डरते हैं और न ही गाली से।’
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी मशीनरी और राजनीतिक प्रपंच भी उनके संघर्ष को नहीं रोक सकते। तेजस्वी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की उन पंक्तियों का भी उल्लेख किया, जो उन्होंने जयप्रकाश नारायण के सम्मान में लिखी थीं। उन्होंने विश्वास जताया कि दिनकर की कविता की भावना अब सड़कों पर दिखाई देगी और ‘देश का बच्चा-बच्चा जयप्रकाश नारायण बनकर’ सरकार की कथित असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक राजनीति के खिलाफ उतर चुका है। उन्होंने ‘वोट चोरी की नींव पर खड़ी सियासत को मिट्टी में मिलाने’ की बात भी कही।
दिल्ली जाते ही तेजस्वी यादव का मोदी-शाह पर ‘वोट चोरी’ का महाआरोप, कहा- नहीं बचा पाएंगे!
Tejashwi Yadav: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव रविवार को पटना से दिल्ली के लिए रवाना हुए। दिल्ली के जंतर-मंतर पर विपक्ष के एक प्रदर्शन में शामिल होने से पहले पटना एयरपोर्ट पर उन्होंने केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर जमकर निशाना साधा। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और छात्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है, जिससे लोकतंत्र की आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है।
‘वोट चोरी’ करने वालों को नहीं बचा पाएंगे मोदी-शाह
राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाते हुए चुनाव में कथित गड़बड़ी और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को दोहराया। उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला करते हुए कहा कि वे कितनी भी कोशिश कर लें, लोकतंत्र को कमजोर करने और चुनाव में कथित षड्यंत्र रचने वालों को बचा नहीं पाएंगे। तेजस्वी यादव ने देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति पैदा करने का दावा किया, जहां एक व्यक्ति को बचाने के लिए पूरी दिल्ली को छावनी में बदल दिया गया है।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया, “पुलिस बल कम पड़ गया है, इसलिए भाजपा वाले आरएसएस के लोगों को उतार रहे हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ पत्रकारों और विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया जा रहा है। तेजस्वी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि जब लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना नागरिकों का अधिकार है, तो प्रदर्शनकारियों को क्यों रोका जा रहा है।
दिल्ली में पुलिस के साथ RSS का इस्तेमाल? गंभीर सवाल
तेजस्वी यादव ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस के साथ आरएसएस के लोगों के इस्तेमाल का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश की जनता पूरे घटनाक्रम को देख रही है और ऐसी कार्रवाई से लोकतंत्र की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार पर भी सवाल उठाए और उनके लिए न्याय की मांग की। तेजस्वी ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने का भी जिक्र किया।
मांझी की टिप्पणी पर नाराजगी, संविधान बचाने की अपील
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की प्रदर्शनकारियों को लेकर की गई टिप्पणी पर तेजस्वी यादव ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों के साथ अनुचित व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए। तेजस्वी ने केंद्र सरकार और भाजपा की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करने वालों की आवाज दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
तेजस्वी यादव ने देश के नागरिकों से संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे ट्रेन, विमान, मेट्रो या सड़क मार्ग से आवागमन बाधित करने की कितनी भी कोशिश करे, लोग अपनी आवाज उठाना बंद नहीं करेंगे। दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी, ‘वोट चोरी’ और प्रदर्शनकारियों के साथ हुई कार्रवाई के मुद्दे प्रमुखता से उठाएंगे। हालांकि, पुलिस और आरएसएस की भूमिका से जुड़े आरोप तेजस्वी यादव के बयान पर आधारित हैं, और इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है।






