Bihar Anganwadi Food: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सरैया प्रखंड में आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बहिलवारा रुपनाथ उत्तरी पंचायत के वार्ड-4 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 192 में बच्चों के भोजन में कीड़े मिलने की शिकायत सामने आई। इस घटना के बाद बच्चों के परिजन केंद्र पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। हालांकि, जिन बच्चों ने यह भोजन खाया था, उन्हें सुरक्षित और स्वस्थ बताया गया है, लेकिन अभिभावकों की चिंता कम नहीं हुई है।
छोटे-छोटे बच्चों ने बताया कि बुधवार को केंद्र पर चावल के साथ आलू-सोयाबीन की सब्जी बनी थी। उनके अनुसार, सोयाबीन खराब होने के कारण उसमें छोटे-छोटे कीड़े दिख रहे थे। सहायिका मालती देवी ने जैसे ही बच्चों को भोजन परोसा, कुछ बच्चों की नजर कीड़ों पर पड़ गई। इसके बाद उन्होंने तुरंत अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी।

भोजन में कीड़े मिलने पर परिजनों का फूटा गुस्सा
कीड़े मिलने की सूचना मिलते ही सुनैना देवी, सिंधु देवी सहित कई परिजन केंद्र पर पहुंच गए। उन्होंने भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। परिजनों का आरोप है कि बच्चों को नियमित रूप से मेनू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता है, जिससे उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि गुणवत्तापूर्ण भोजन की बात कहने पर अक्सर ‘खर्च’ का हवाला देकर टालमटोल किया जाता है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मामले को सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
सेविका की अनुपस्थिति पर उठे गंभीर सवाल
घटना के समय केंद्र की सेविका रीता देवी अनुपस्थित थीं, जिस पर भी परिजनों ने सवाल उठाए। सहायिका मालती देवी ने बताया कि सेविका की तबीयत ठीक नहीं होने के कारण वह छुट्टी पर थीं। हालांकि, सहायिका के मुताबिक, पर्यवेक्षिका के केंद्र की जांच के लिए आने के दौरान सेविका कुछ समय के लिए वहां आई थीं। भोजन में कीड़े दिखने की बात दिव्या कुमारी, सोनू कुमार, अनुष्का कुमारी, ऋषभ कुमार और शिवा कुमार जैसे बच्चों ने भी बताई, जिससे शिकायत की पुष्टि हुई।
‘गुणवत्तापूर्ण भोजन देने की बात कहने पर अक्सर खर्च को लेकर भी जवाब दिया जाता है।’ – परिजनों का आरोप
इस मामले में सरैया की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) गीता कुमारी का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। उनका बयान न मिल पाने के कारण विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आ पाया है। भोजन में कीड़ा मिलने की इस शिकायत ने केंद्र पर परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और पूरी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। संबंधित विभाग द्वारा जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी, लेकिन फिलहाल बच्चों की सेहत को लेकर चिंता बनी हुई है।

















