
लहेरियासराय, देशज टाइम्स संवाददाता। बिहार राज्य आंगनबाड़ी संयुक्त संघर्ष समिति दरभंगा की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर दरभंगा कलेक्ट्रेट व लहेरियासराय टावर पर आशा ने जमकर बवाल काटा। घंटों सड़क को जाम किए रखा। इस दौरान आशा से जो आशा नहीं की जा सकती वह पार होती दिखी। मर्यादित व्यवहार की तमाम हदें पार करते हुए आशा ने लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया। सड़क जाम तो आम रही लेकिन सबसे शर्मनाक यह कि आशा ने वहां से गुजर रहे राहगीरों के साथ जमकर दुर्व्यवहार करते हुए उनकी जमकर पिटाई कर मर्यादा की तमाम लक्ष्मण रेखा पार कर गईं। सभी आशा के हाथ में झाड़ू थी जिसका इस्तेमाल वह लाठी की तरह कर रही थीं वहीं हाथों में सैडिल भी थे जिससे उन लोगों ने राहगीरों को पीटा जो बेशर्म व्यवस्था पर तमाचा भर था तो आशा के आक्रोश का बेवजह नुकसान भी। आशा ने बेदर्दी की तमाम हदें पार करते हुए विनती कर रहे राहगीरों को जमकर पीटा उनपर सैंडिल से प्रहार

कर कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी आखिर कहां गया प्रशासन कहां गया बेकसूरों को इंसाफ दिलाने वाली सुशासन की सरकार।आखिर कोई सड़कों पर नंगा नाच कर दे और व्यवस्था खामोश चुपचाप सहे यह तो अंधा कानून से भी बदतर हालात हैं दरभंगा के। इतनों से भी जी नहीं भरा तो आशा ने वहां से गुजर रहे लोगों के साथ जमकर धक्का-मुक्की भी की। यहां तक कि वहां से डीएमसीएच व अन्य क्लीनिकों में जा रहे मरीजों को भी नहीं बख्शा उनके साथ भी हाथापाई की और उनके अभिभावकों व परिजनों को भी थप्पड़ रसीद कर दिया।

जानकारी के अनुसार, इन लोगों की मांग थी कि आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका की अनिश्चितकालीन हड़ताल को सरकार न्यायोचित मांगों को अतिशीघ्र पूरा करें। धरनास्थल पर सैकड़ों की तादाद में सेविका व सहायिका जुलूस की शक्ल में पोलो मैदान से चलकर केंद्र व राज्य की मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध कर रहे थे। जुलूस का नेतृत्व आंगनबाड़ी सेविका सहायिका संघ की अध्यक्ष स्वेता सुमन व जिला मंत्री शाहिना परवीन कर रही थी। मौके पर शमशाद बेगम, रेखा सिन्हा, आभा देवी, हनीफा खातून, अनिता कुमारी, वंदना सिंह, मीनू देवी, सोनी देवी, गुलशन आरा, बबीता कुमारी, श्याम भारती, मदन मंडल, नसरीन निगाह ने सभा को संबोधित किया।









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