नवादा के रजौली थाने के जंगलों में 2 दिनों से 9 हाथियों का झुंड उत्पात मचा रहा है। 36 घंटे बाद भी रजौली पुलिस हाथियों पर नियंत्रण पाने में विफल है।




बौराये हाथियों ने शनिवार को दुद्धी माटी गांव में आधा दर्जन मकानों को क्षतिग्रस्त कर मकान में रखे अनाज को तहस-नहस कर दिया है।
हाथियों ने चित्रकोली में मंदिर के दीवार को भी तोड़ डाला है। दूधीमाटी के गांव वाले भय से पहाड़ पर शरण लिये हुए है। बौराये हाथियों के सामने रजौली पुलिस की व्यवस्था नाकाम सिद्ध हो रही है ।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल के कोलकाता से हाथी नियंत्रण करने वाली टीम रजौली पहुंच चुकी है ।बावजूद अभी तक हाथियों को नियंत्रण करने जैसे किसी प्रकार की कार्रवाई शुरू नहीं हुई ।दुद्धीमाटी इलाके के ग्रामीण काफी भयभीत नजर आ रहे हैं।
पहाड़ पर शरण लिए लोग गांव की ओर आने में भी दहशत झेलने को मजबूर है। ग्रामीणों ने पुलिस की शिथिलता पर भी सवाल खड़ा किया है। अगर ग्रामीण गांव छोड़कर नहीं भागते तो संभव था बहुतों की जान बौराये हाथी ले लेते । हाथियों ने घरों में लगाए गए केले के पौधे सहित कई वृक्षों को भी नुकसान पहुंचाया है ।







