
Bihar Natural Farming: बिहार में किसानों की आय बढ़ाने और मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में जाले के कृषि विज्ञान केंद्र में शुक्रवार को 12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के कार्यक्रम के तहत प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला का उद्घाटन स्थानीय विधायक जीवेश कुमार और राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
किसानों की आय और पर्यावरण सुरक्षा पर बल
जाले विधायक जीवेश कुमार ने इस अवसर पर प्राकृतिक खेती की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह वर्तमान समय की बड़ी जरूरत है, जो मिट्टी की उर्वरता, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। प्राकृतिक खेती से न केवल खेती की लागत कम होती है, बल्कि यह किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होती है। विधायक ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, ई-नाम, एफपीओ और पीएम-कुसुम जैसी विभिन्न कृषि योजनाओं का जिक्र करते हुए किसानों से प्राकृतिक खेती को एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।




राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने भी प्राकृतिक खेती को किसानों की आय में वृद्धि और पर्यावरण संरक्षण का एक प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे नई तकनीकों और प्राकृतिक खेती की विधियों को अपनाएं, ताकि कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आ सके।
वैज्ञानिकों ने साझा की प्राकृतिक खेती की तकनीकें
कार्यशाला के दौरान कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। इसमें जैविक खाद के निर्माण की विधि, बीज उपचार के तरीके, तथा जीवामृत और घनजीवामृत के उपयोग समेत विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि कैसे ये तकनीकें कम लागत में बेहतर उत्पादन देने में मदद कर सकती हैं।
इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह अध्यक्ष डॉ दिव्यांशु शेखर, सदर एसडीएओ मृत्युंजय चौबे, मोना ऋचा, नेहा कुमारी और अनुराधा कुमारी सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह कार्यशाला बिहार में प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाने और किसानों को इससे जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जिससे आने वाले समय में कृषि और पर्यावरण दोनों को लाभ मिलेगा।







