
सीवान जिले में ऐतिहासिक महेंद्र नाथ मंदिर में सावन की पहली सोमवारी पर सुबह अचानक मची भगदड़ में दो श्रद्धालु महिलाओं की मौत हो गई। इस भगदड़ में एक महिला घायल हो गई है।
सूचना मिलते ही सीवान थाने और चैनपुर महादेवा ओपी पुलिस पहुंची। पुलिस के मुताबिक मृतकों में हुसैनगंज थाना क्षेत्र के प्रतापपुर निवासी मोताब चौधरी की पत्नी लीलावती देवी और जीरादेई थाना क्षेत्र के पथार गांव की रहने वाली सुहागमती देवी शामिल हैं। घायल महिला प्रतापपुर निवासी जनक देव भगत की पत्नी शिव कुमारी है। उसका इलाज सीवान सदर अस्पताल में चल रहा है।
घायल शिव कुमारी के पति जनक देव भगत ने बताया कि मंदिर में जल चढ़ाने आये थे। पहली सोमवारी होने के कारण सुबह तीन बजे मंदिर का गेट खुल गया था। श्रद्धालुओं की भीड़ थी। लोगों के एक साथ घुसने के दौरान भगदड़ मच गई। इस वजह से हादसा हुआ। पढ़िए पूरी खबर
मंदिर परिसर में सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे थे। एक मृतका की पहचान हुसैनगंज के प्रतापपुर गांव निवासी मुस्ताक चौधरी की पत्नी लीलावती देवी के रूप में हुई है। वहीं घायलों की पहचान हुसैनगंज के प्रतापपुर गांव निवासी दीनानाथ यादव की पत्नी अजोरिया देवी और शाहबाजपुर गांव निवासी जनक देव भगत की पत्नी शिव कुमारी देवी के रूप में हुई है। शव को देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई है।
दरअसल बिहार का बाबा महेंद्रनाथ मंदिर प्राचीनतम मंदिरों में से एक है। नेपाल के राजा महेंद्र वीर विक्रम सहदेव ने मेंहदार में खूबसूरत मंदिर को बनवाया और इसका नाम महेंद्रनाथ रखा था। सीवान से लगभग 32 किमी दूर सिसवन ब्लॉक के मेंहदार गांव में स्थित भगवान शिव के महेंद्रनाथ मंदिर का निर्माण नेपाल नरेश महेंद्र ने 17वीं सदी में करवाया था। वहीं भगवान शिव के प्रिय माह सावन में यहां भक्तों की भारी जुटती है। ऐसे में आज सावन के पहले सोमवार को भारी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। इसी बीच यहां जल चढ़ाने को लेकर भक्तों में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इसी दौरान दो महिला भीड़ में दब गई और उनकी पैरों तले कुचलकर मौत हो गई।







