…लेकिन सबसे खूबसूरत होता है युद्ध का नहीं होना। किसी सरहद पर जवान का नहीं होना, कभी किसी युद्ध का नहीं होना, और सरहद का नहीं होना।
जम्मू–कश्मीर में युद्ध के नियमों के खिलाफ कायराना आतंकी हमले में शहीद देश के जवानों को भावभींनी श्रद्धांजलि दी संत रामेश्वर सेंट्रल स्कूल के छात्रों ने। कहा, सलाम उन इरादों को जो घर से कभी नहीं लौटने के लिए देश की सुरक्षा में तैनात रहे। उन मांओं व पिताओं को नमन जिनकी आंखों में अब केवल इंतजार शेष रहेगा। पत्नियों को प्रणाम जो शेष रहेंगी अमर जवानों की स्मृतियों के बीच और उन बच्चों और बहनों को हौंसला जिन्होंने राष्ट्र के नाम अपने पिता,भाइयों को न्योछावर कर दिया। इस गमगीन व आक्रोशभरे माहौल के बीच शनिवार को भारत मुस्कान फाउंडेशन के निदेशक निर्भय कुमार निराला के नेतृत्व में स्कूली बच्चों ने तिरंगा के साथ पाकिस्तान मुर्दाबाद के बीच भारत माता के जयकारे लगाए। भरवाड़ा, मनिकौली, कटासा, सिंहवाड़ा तक सड़क मार्ग से कैंडिल मार्च निकाला जिसका समर्थन इसकी प्रासंगिकता के गवाह, अगुवा बनें मौके पर मौजूद प्रशिक्षु आइएएस विवेक रंजन मैत्रय जिनकी हौंसलाअफजाई से स्कूली छात्रों के आवेग देश पर मर मिटने को उतावला दिखा। जोश से लबरेज वतन पर मर मिटने का जज्बा तो दिल में हिंदुस्तान के लिए धड़कता दिल।
सिंहवाड़ा, देशज टाइम्स। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ के जवानों को संत रामेश्वर सेंट्रल स्कूल के बच्चों ने कैंडिल मार्च निकालकर शनिवार को प्रखंड कार्यालय पर श्रद्धांजलि दी। आत्मा की शांति के लिए शोक प्रकट कर राष्ट्रीय गीत प्रस्तुत किया। मौके पर प्रशिक्षु आइएएस विवेक रंजन मैत्रय ने कहा देश को अपने वीर शहीदों पर गर्व है। स्कूल के बच्चों ने भारतीय वीर
जवानों के प्रति जो संवेदना व्यक्त कर पैदल मार्च निकाला यह राष्ट्र के प्रति सच्ची समर्पित भावना है। भारत मुस्कान फाउंडेशन के निदेशक निर्भय कुमार निराला के नेतृत्व में स्कूली बच्चों ने तिरंगा के साथ पाकिस्तान मुर्दाबाद…भारत माता की जय-जयकार की।
भरवाड़ा, मनिकौली, कटासा, सिंहवाड़ा तक सड़क मार्ग से कैंडिल मार्च में चांदनी कुमारी, रविशंकर, सत्यम, विवेक, प्रीति, खूशबू, अनु, कोमल, शिवम, राम किशोर,सौरभ ने भारतीय संस्कृत के अनुरूप देश भक्ति स्लोगन के साथ आक्रोश जताया। मौके पर पंचायत समिति प्रतिनिधि गणेश चौबे, प्रधानाचार्य आरडी ठाकुर, रूबी कुमारी, केडी यादव, सुजीत ठाकुर, कल्याण कुमार झा, बैंकुंठ झा, डौली कुमारी, सोनी कुमारी, प्रीता गुप्ता ने विचार रखे। 








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