
जेडीयू राष्ट्रीय परिषद की बैठक में झारखंड से आए पार्टी कार्यकर्ताओं का एक पोस्टर नीतीश कुमार को केंद्र की राजनीति में उतारता दिख रहा है। इस पोस्टर के बड़े सियासी संदेश हैं।
झारखंड के जदयू कार्यकर्ताओं ने नए साल का कैलेंडर तैयार करवाते नीतीश कुमार की मुस्कुराती हुई फोटो लगाई है। लिखा है, ‘देश मांगे नीतीश कुमार’। ऐसे में सवाल उठ रहे कि क्या नीतीश कुमार अब बिहार की सियासत छोड़ केंद्र की राजनीति में उतरेंगे। और क्या अब नीतीश कुमार का केंद्र पर पूरा ध्यान है। पढ़िए पूरी खबर
देश मांगे नीतीश कुमार…यानी अब देश को नीतीश कुमार का इंतजार है। दरअसल, इसे यूूं मान लिया जाए कि क्या नीतीश अब तेजस्वी के लिए बिहार का रास्ता खाली करेंगे। कैलेंडर में जो भी कुछ लिखा है उसका मतलब यही है कि नीतीश कुमार को देश का पीएम बनाया जाए। जेडीयू भी इसी मुहिम को आगे बढ़ रही है। जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय परिषद की बैठक में कैलेंडर को बांटे भी गए।
कैलेंडर में साफ-साफ लिखा है कि स्वच्छ प्रतिभा, सुशासन और संयमी नेतृत्व। नीतीश कुमार की यही पहचान है। उन्होंने बिहार का कायापलट किया। महिलाओं को सुरक्षित किया। युवाओं को भरोसा दिया। अब देश को नीतीश कुमार का इंतजार है।
राष्ट्रीय परिषद की बैठक में कैलेंडर को बांटा भी गया। कैलेंडर में साफ-साफ लिखा है कि स्वच्छ प्रतिभा, सुशासन और संयमी नेतृत्व। नीतीश कुमार की यही पहचान है। उन्होंने बिहार का कायापलट किया। महिलाओं को सुरक्षित किया। युवाओं को भरोसा दिया। अब देश को नीतीश कुमार का इंतजार है।
जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ललन सिंह समेत कई नेताओं ने कहा कि हाल में हुए चुनावों के ट्रेंड से साफ हो गया है कि बीजेपी को जिन राज्यों में आमने-सामने की लड़ाई का सामना करना पड़ा, वहां उसकी हार हुई।
इसकी उदाहरण दिल्ली के निकाय चुनाव, हिमाचल प्रदेश का चुनाव, मैनपुरी और खतौली का चुनाव है। ऐसे में विपक्ष को एकजुट होने की जरूरत है। जेडीयू की ओर से कहा गया कि सीएम नीतीश कुमार लगातार अन्य पार्टियों के नेताओं से संपर्क में हैं और बहुत जल्द दिल्ली जाने वाले हैं।
नीतीश कुमार कई मौकों पर कह चुके हैं,वे पीएम पद के उम्मीदवार नहीं हैं। लेकिन जदयू की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में विपक्षी एकता पर चर्चा की गई। और एक ही संदेश दिया गया कि अगर 2024 में बीजेपी को हराना है तो सभी विपक्षी दलों को एक साथ आना ही होगा। इससे पहले भी मिशन 2024 के तहत नीतीश कुमार ने दिल्ली जाकर कई विपक्षी नेताओं के साथ मुलाकात की थी।







