
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत में ठिठुरन बढ़ने के साथ कोहरा पड़ने से लोगों की दिक्कत बढ़ गई है। दिल्ली-एनसीआर में सोमवार सुबह घना कोहरा रहा। मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक दिल्ली, हरियाणा समेत मैदानी इलाकों के कुछ हिस्सों में शीतलहर चलेगी।
हरियाणा, दिल्ली के अलावा पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी तापमान गिरा है। राजस्थान में कई जिलों में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया है। आने वाले दिनों में उत्तर भारत के कई इलाकों में शीतलहर चलने का भी अनुमान है।
मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के लिए अभी इंतजार करना होगा। पहाड़ों में ठंड और ठिठुरन में इजाफा होगा लेकिन बर्फबारी की संभावना कम ही है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम साफ रहने की संभावना है।
मौसम विज्ञान विभाग ने तमिलनाडु कुछ हिस्सों में आज बारिश की संभावना जताई है। विभाग के मुताबिक अगले 12 घंटे में अंडमान निकोबार द्वीप समूह, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और ओडिशा सहित महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में गरज के साथ बारिश हो सकती है।
बिहार में फ्लाइट सर्विस के लिए रविवार का दिन खासा उथलपुथल वाला रहा। रविवार को दो विमान अपने निर्धारित एयरपोर्ट तक पहुंच ही नहीं सके। दिल्ली से पटना आ रहा विमान भोपाल में उतरा। जबकि मुंबई से दरभंगा आ रहे विमान को पटना में उतरना पड़ा। कोहरे के कारण स्पाइस जेट के ये दोनों विमान अपने निर्धारित शेड्यूल से डायवर्ट किए गए।
कोहरे का कहर विमान यात्रियों पर भारी पड़ रहा है। रविवार को कमजोर विजिबिलिटी के कारण ही यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। पटना एयरपोर्ट पर रविवार की सुबह मात्र 600 मीटर दृश्यता होने की वजह से दिल्ली-पटना- दिल्ली Spice Jet की फ्लाइट एसजी 8721 पटना के बाद भोपाल डायवर्ट हो गई।
करीब 170 यात्री इस विमान में थे। सुबह करीब 8.25 बजे यह फ्लाइट पटना के रीजन में आ चुकी थी। लेकिन पटना में लैंडिंग नहीं हो सकी। लगभग 20 मिनट तक हवा में चक्कर लगाने के बाद विमान भोपाल के लिये डायवर्ट कर दिया गया।
पटना आने वाले विमान को पहले वाराणसी में उतारने की कोशिश हुई लेकिन वहां भी विजिबिलिटी नहीं मिली। इसके बाद फ्लाइट को भोपाल ले जाया गया। वहीं मुंबई से दरभंगा आने वाले विमान को भी डायवर्ट होना पड़ा। स्पाइस जेट की विमान संख्या एसजी 115 में 157 यात्री सवार थे। लगातार कमजोर दृश्यता बने रहने की वजह से विमान को दोबारा दरभंगा की ओर नहीं ले जाया जा सका। इसके बाद विमान को पटना में ही रहना पड़ा।







