
अगर आप अपराधी हैं या किसी भी अपराध को करने के लिये सोच रहें हैं तो सतर्क हो जाइये क्योंकि लाठी की पुलिसिंग खत्म होने वाली हैं। आप गोली भी खा सकते हैं। नव नियुक्त डीजीपी राजविंदर सिंह भट्टी का तौर तरीका अलग हैं। इसीलिये योगदान के बाद ही राज्य के सभी जिलों के एसपी,एसएसपी,डीआईजी,आईजी को पत्र लिखकर अपराधियों की सूची की मांग कर दी हैं।
उन्होंने सभी एसपी,एसएसपी को पत्र के माध्यम से कहा है कि जिले के मोस्ट वांटेड अपराधी के अलावे थानावार अपराधियों की सूची उपलब्ध कराएं। एसपी, एसएसपी ने भी उक्त पत्र के आलोक में सभी थानाध्यक्षों को अपराधियों की सूची देने को कहा हैं। सभी जिलों से जल्द ही अपराधियों की सूची डीजीपी कार्यालय पहुंचने वाली हैं।
इस बीच मुख्यमंत्री ने डीजीपी को अपने कार्यालय कक्ष में बुलाकर घंटों बात की। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने भी स्पष्ट कर दिया है कि आपको डीजीपी के पद पर इसीलिये बैठाया गया हैं कि बिहार में बेहतर पुलिसिंग हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप स्वतंत्र हैं,आप सत्ता पक्ष और विपक्ष की पैरवी से दूर रहें। उन्होंने डीजीपी से कहा कि न्याय संगत कार्रवाई करें लेकिन किसी के दबाव में कोई काम नहीं करें।
बिहार के कई जिलों के एसपी,एसएसपी घर में बैठकर काम करते हैं। अब ऐसा नहीं चलेगा। पुलिस महानिदेशक श्री भट्टी सख्त और बेहतर पुलिसिंग के लिये चर्चित हैं।
वहीं, दूसरी और अब स्पेशल टास्क फोर्स की जवाबदेही भी बढ़ने वाली हैं। करीब एक दशक से सो रहें एसटीएफ के जवानों को एक दशक पूर्व की भांति जवाबदेही मिल सकती हैं। कई एसपी, एसएसपी कार्यालय में नहीं बैठकर घर से काम चला रहें हैं। उन्हें भी अब नियमित रूप से कार्यालय में बैठना पड़ सकता हैं। भ्रष्ट पुलिस पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई के लिये मुख्यमंत्री ने डीजीपी को खुली छूट दे दी हैं।






