
बिहार के शिक्षकों (Bihar Teachers) की बल्ले-बल्ले है। बड़ी खबर सैलरी से जुड़ी आ रही है। सरकार ने शिक्षकों के वेतन को बढ़ाने की घोषणा पहले ही कर चुकी है अब बकाया वेतन भी जारी कर दिया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने बीते दिनों ज्ञान भवन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान कहा था कि बिहार में जल्द ही शिक्षकों का वेतन बढ़ाया जाएगा। सरकार सभी शिक्षकों के वेतन बढ़ाने का काम करेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के व्याख्याता, विश्वविद्यालयों एवं राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों के सहायक प्राध्यापक को नियुक्ति पत्र दिया गया।
इस अवसर पर सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार ने 7 हजार करोड़ फंड अलॉट किया है, जल्द से जल्द शिक्षकों की बहाली की जाएगी। इसको देखते हुए सरकार ने राज्य के शिक्षकों के वेतन के लिए 3350 करोड़ों रुपए जारी किए हैं। इसके बाद शिक्षकों का बकाया वेतन मिलना तय हो गया है।
जानकारी के अनुसार,समग्र शिक्षा अभियान के तहत जो शिक्षक छात्रों को पढ़ाते हैं उन्हें केंद्र और राज्य की तरफ से मिलने वाली राशि से ही भुगतान किया जाता है। इस मामले में राज्य सरकार लंबे अरसे से यह कहते आई है कि केंद्र की तरफ से पूरा हिस्सा नहीं लिया जाता। एक बार फिर से राज्य सरकार ने बकाए वेतन के भुगतान के लिए अपने स्तर से पहल की है।
नए साल में पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकाय संस्था के अंदर आने वाले शिक्षकों और उत्क्रमित मध्य विद्यालयों के साथ-साथ ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर और प्रधानाध्यापकों को बकाया वेतन सरकार देने जा रही है। सरकार के इस फैसले के बाद बिहार के ढाई लाख से ज्यादा शिक्षकों को बकाया वेतन मिल पाएगा।
सरकार की तरफ से जो पैसे जारी किए गए हैं उसमें 12.19 अरब रुपए दिसंबर महीने के वेतन के लिए जारी किया गया है। शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव संजय कुमार ने इसकी जानकारी महालेखाकार को दी है।
इस फैसले के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2022–23 में समग्र शिक्षा अभियान योजना के तहत कार्यरत शिक्षकों को वेतन देने के लिए केंद्र की तरफ से कम राशि उपलब्ध होने के कारण राज्य अपने स्तर से सहायक अनुदान मांग में एक खरब 39 अरब 41 करोड़ 88 लाख रुपए स्वीकृत कर रही है।







