
बिहार पुलिस खुद को समृद्ध करने के लिए कदम बढ़ाने मेंं लगी है। पुलिस आम जनता तक ज्यादा से ज्यादा जुड़ने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने में जुटी है।
बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से एक ओर जहां पहले फेसबुक और ट्विटर के माध्यम से आम जनता से जुड़ाव था। वहीं दूसरी ओर पुलिस अपनी उपलब्धियों के साथ-साथ आम जनता की समस्याओं को सुनने का प्रयास जारी है। अब बिहार पुलिस ने नया कदम बढ़ाते हुए ऑफिशियल यूट्यूब चैनल की शुरुआत की है।
इससे पहले, बिहार पुलिस ने नए रंग-रूप के साथ अपनी वेबसाइट लांच की थी जिसमें आम जनता से जुड़ी कई सेवाओं को सुलभ बनाया गया था। ऑनलाइन शिकायत (online police complaint in Bihar) के लिए भी अलग से बटन दिया गया था।। उस वेबसाइट के अलावे एंड्रायड और एप्पल के मोबाइल एप के जरिये भी बिहार पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज कराने की बात कही थी जहां पूरी जानकारी के साथ ही पोर्टल और एप का डायरेक्ट लिंक भी मिलने की बात कही गई थी।
पुलिस के अनुसार आम जनता तक ज्यादा से ज्यादा जुड़ने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने में जुटी है। बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से एक ओर जहां पहले फेसबुक और ट्विटर के माध्यम से आम जनता से जुड़ाव था। वहीं, पुलिस अपनी उपलब्धियों के साथ-साथ आम जनता की समस्याओं को सुनने का प्रयास जारी है। अब बिहार पुलिस ने नया कदम बढ़ाते हुए ऑफिशियल यूट्यूब चैनल की शुरुआत की है।
इसबार बिहार पुलिस मुख्यालय के स्तर पर होने वाली रोजाना जनसुनवाई और इस में आने वाली समस्याओं के समाधान को लेकर बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से कारगर रणनीति तैयार की गई है। अब इन सभी शिकायतों को कंप्यूटर पर अंकित किया जाएगा, उन्हें खास टोकन नंबर भी दिया जाएगा।
वहीं पुलिस मुख्यालय स्तर पर आने वाले सभी शिकायतों को सुनने की जिम्मेवारी एडीजी बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के एमआर नायक को सौंपी गई है। वे सभी शिकायतों की सुनवाई कर इनके समाधान से संबंधित निर्देश संबंधित अधिकारियों को देंगे। पढ़िए पूरी खबर
बिहार पुलिस की ओर से कहा गया है कि यूट्यूब चैनल @biharpoliceoffical से आम जनता जुड़ें और सब्सक्राइब करने के साथ-साथ घंटी दबाकर नोटिफिकेशन प्राप्त करें। पुलिस की इस नई व्यवस्था के तहत नई वेबसाइट बनाने की बात हो रही है, जिसमें ईमेल के माध्यम से आम जनता को शिकायत भेजने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इसकी शुरुआत जल्द ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से किया जाएगा।
इसके अलावे हर एक थाना स्तर पर भी आने वाली शिकायतों पर एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी करने से जुड़े मामले की मॉनिटरिंग की जाएगी। सभी संबंधित इंस्पेक्टर और डीएसपी को ऐसे मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत निपटारा करना होगा। अगर इस तरह की किसी मामले की शिकायत ऊपर के अधिकारियों तक पहुंची तो संबंधित थाना स्तरीय पदाधिकारी पर भी कार्रवाई होगी।






