
पटना नीट केस: पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत और दुष्कर्म के मामले में अदालत ने जांच एजेंसी की धीमी गति पर कड़ी नाराजगी जताई है। इस संवेदनशील मामले में देरी को लेकर विशेष पॉक्सो कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि बच्चों से जुड़े मामलों में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पटना नीट केस में जांच में देरी पर अदालत की फटकार
अदालत ने साफ कहा कि बच्चों से जुड़े मामलों में देरी स्वीकार नहीं की जा सकती। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने जांच की प्रगति पर सवाल खड़े हुए। रिकॉर्ड से पता चला कि मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपे जाने के बाद 110 दिन से ज्यादा बीत चुके हैं, इसके बावजूद जांच में ठोस नतीजे सामने नहीं आए। कोर्ट ने इसे गंभीर स्थिति माना और कहा कि जांच एजेंसी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। केवल “जांच जारी है” कहना अब पर्याप्त नहीं है, हर सुनवाई में ठोस प्रगति दिखाना जरूरी होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि स्वतंत्रता का मतलब ढिलाई नहीं होता। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
आरोपी को मिली जमानत, पीड़िता के परिवार पर असर
मामले में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है, आरोपी मनीष रंजन को जमानत मिल गई है। अदालत ने कहा कि तय समयसीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं की गई। पहले 10 अप्रैल तक जांच पूरी करने या स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन इसका पालन नहीं हुआ। अदालत ने इस पर कड़ी टिप्पणी की और कहा कि निर्देशों की अनदेखी गंभीर बात है, जो न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करती है। इसी आधार पर आरोपी को जमानत दी गई। इस बीच, अदालत ने पीड़िता के परिवार को राहत देते हुए 2.5 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का आदेश दिया है, ताकि उन्हें शुरुआती सहायता मिल सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पीड़िता की मां की बिगड़ी तबीयत, अगली सुनवाई की तारीख
जमानत की खबर सामने आते ही पीड़िता के परिवार पर गहरा असर पड़ा। छात्रा की मां की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 मई 2026 को तय की गई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अगली तारीख पर पटना नीट केस की जांच की स्थिति का विस्तृत ब्यौरा पेश करना होगा। सभी पक्षों की निगाहें अब उस दिन पर टिकी हैं।







