
बिहार विधानसभा का बजट सत्र (2023-24) आज (सोमवार) से शुरू हो गया है। यह पांच अप्रैल तक चलेगा। आज सबसे पहले बिहार विधानसभा और बिहार विधान की संयुक्त बैठक में आर्थिक सर्वेक्षण के साथ राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर का अभिभाषण आकर्षण में है। 28 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा।
सोमवार से शुरू हुए बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन यहां भी अडानी-अडानी का शोर गूंजता दिखा। बात हो रही थी राज्य के स्कूलों के शिक्षकों और भवनों की स्थिति पर। लेकिन अचानक अडानी का नाम आया और फिर बवाल शुरू हो गया।
सत्र के पहले ही दिन हंगामा शुरू हो गया। पहले तो सदन के बाहर प्रदर्शन चलता रहा। सदन के अंदर भी कम गरमाहट नहीं रही। पुरुष विधायक और विधान पार्षद तो अपेक्षाकृत शांत ही रहे। लेकिन महिला सदस्यों ने हंगामे का मोर्चा संभाल लिया। पहले राजद की विधान पार्षद मुन्नी देवी ने मोर्चा खोला। तो राजद की विधायक रेखा देवी भी भाजपा विधायकों पर बरस पड़ीं। जवाब देने सामने आई भाजपा की विधायक भागीरथी देवी और राजद विधायक रेखा देवी के बीच तू-तू, मैं-मैं शुरू हो गई।
विधानमंडल सत्र के पहले दिन राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर का अभिभाषण हुआ। राज्यपाल ने बिहार सरकार की उपलब्धियां अपने अभिभाषण में गिनाईं। इस दौरान शिक्षा पर हुए कार्यों को भी राज्यपाल ने गिनाया। यहीं से बवाल शुरू हुआ। विपक्ष में बैठी भाजपा के विधायकों ने यह कहना शुरू किया कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं है।
किसी ने कहा कि स्कूलों में शिक्षक और बिल्डिंग नहीं है। मंत्री चूंकि राजद के कोटे वाले चंद्रशेखर यादव हैं। तो जवाब देने आए राजद के विधायकों ने शोर शुरू किया कि अडानी से मांग लीजिए। वहीं विधान पार्षद मुन्नी देवी ने कहा जाइए मोदी के सामने कटोरा लेकर भीख मांगिए। क्या हैं आज के खास
राज्यपाल का अभिभाषण समाप्त होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष अवध नारायण चौधरी ने सदन की कार्यवाही शुरू की। कहा कि सबसे अधिक बजट पर ही बात करेंगे क्योंकि यह बजट सत्र है। सत्र के दौरान समय को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारियों को निभाने का ख्याल रखें।
आग्रह करते हुए कहा कि सार्थक चर्चा करें। लोकतंत्र में विचार से ही फल निकलता है। शोरगुल से या संख्या बल का दबाव दिखाना लोकतंत्र की आत्मा को आहत करती है। सत्र में शांतिपूर्ण ढंग से सार्थक हल ढूंढने का प्रयास करेंगे। सत्र में अधिक से अधिक उपस्थित बनाए रखें।
बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन आज महागठबंधन में शामिल CPIML ने विधानसभा परिसर में अडानी मामले पर बैनर पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। सीपीआईएमएल विधायक दल के नेता महबूब आलम ने कहा कि गौतम अडानी की सभी संपत्तियों को जब्त किया जाए। मामले की जेपीसी जांच हो. मोदी सरकार और अडानी का गठबंधन है। हिंडनबर्ग रिर्पोट पर पीएम मोदी को सफाई देनी चाहिए।
बजट सत्र की 22 बैठकें होंगी। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण आकर्षण है। इस अभिभाषण पर दो दिन चर्चा होगी। 2022-23 के तृतीय अनुपूरक बजट व्यवस्थापन के लिए एक दिन रखा गया है। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्यय अनुदान की मांगों पर वाद विवाद और विनियोग विधेयक 12 दिन पेश किया जाएगा। इन 12 दिनों में अलग-अलग विभागों के बजट भी पेश किए जाएंगे।
बिहार विधानसभा में राजकीय विधेयक और अन्य राजकीय कार्यों के लिए दो दिन रखे गए हैं। गैर सरकारी सदस्यों के कार्य यानी कि गैर सरकारी संकल्प के लिए दो दिन का समय रखा गया है। इस बजट सत्र में 16 दिन अवकाश रहेगा। इसमें होली, रामवनमी से लेकर कई त्योहार शामिल हैं।
बिहार के बजट का आकार साल 2021-22 में दो लाख 18 हजार 302 करोड़ 70 लाख रुपये था। यह वर्ष 2022-23 में बढ़कर दो लाख 37 हजार, 691 करोड़ 19 लाख रुपये हो गया।बिहार सरकार ने 2022-23 में 6 सूत्रों का बजट पेश किया था। ये 6 सूत्र मानव जीवन से जुड़े हुए थे और बताया गया था कि विकास में इसकी बड़ी भूमिका होगी।
स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग में निवेश, कृषि और संबंधित क्षेत्र, आधारभूत संरचना ग्रामीण एवं शहरी, विभिन्न वर्गों का कल्याण। इन 6 सूत्रों के क्रियान्वयन पर ही 2022-23 में फोकस किया गया था। पिछली बार भाजपा कोटे के वित्त मंत्री और उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने बजट पेश किया था। इस बार वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी बजट पेश करेंगे।






