
जेडीयू पार्टी के एक और नेता आरा की पूर्व सांसद मीना सिंह ने जेडीयू से इस्तीफा दे दिया है। इन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा को भेज दिया है। मीना सिंह आरा से दो बार सांसद का चुनाव जीत चुकी हैं। इसके बाद अब वो खुद के पार्टी से अलग होने का ऐलान दोपहर 3 बजे करने वाली है। यह लोकसभा चुनाव से पहले जेडीयू के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्होंने पार्टी को मजबूत बनाने में ईमानदारी से पूरा योगदान दिया, जहां भी पार्टी को जिस तरह से भी ज़रूरत पड़ी वो मजबूती से खड़ी रहीं। लेकिन, पार्टी लगातार उनको नजरअंदाज करती रही। उन्होंने कहा कि अब उनके लिए जदयू में काम करना बेहद मुश्किल है, क्योंकि अब जेडीयू अपनी नीतियों और सिद्धांतों से भटक चुकी है।
बताया जा रहा है कि, पूर्व सांसद मीना सिंह जेडीयू से इस्तीफा देने के बाद बीजेपी के साथ जा सकती हैं। हाल ही में उपेंद्र कुशवाहा के इस्तीफे के बाद यह नीतीश कुमार से लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है। जिस तरह से कुशवाहा के साथ कई जेडीयू के नेता कल पार्टी छोड़ गए हैं और अब आज पार्टी की एक पूर्व सांसद पार्टी छोड़ कर जा रही है उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार को काफी नुकसान हो सकता है।
मीना सिंह ने कहा कि पार्टी में पुराने और समर्पित लोगो के लिए कोई जगह नहीं है ऐसे में उनके जैसे नेता और कार्यकर्ता के लिए पार्टी में रहने का कोई मतलब नहीं है और मैं भारी मन से जदयू छोड़ने का एलान करती हूं। दरअसल, मीना सिंह आरा से जदयू की सांसद रह चुकी है। नके पति स्व. अजीत सिंह भी जदयू की टिकट पर काराकाट से सांसद रह चुके थे, जिन्हें जदयू का तब महत्वपूर्ण नेता माना जाता था। वह नीतीश कुमार के भी बेहद करीबी माने जाते थे। लेकिन, उनके असामयिक निधन के बाद उनकी पत्नी मीना सिंह सक्रिय राजनीति में आई और जदयू के टिकट पर आरा से सांसद चुनी गई थीं।
जानकारी के अनुसार, जेडीयू की पूर्व सांसद मीना सिंह के पति का निधन हो चुका है। इनके पति भी बिक्रमगंज से सांसद रह चुके हैं। मीना सिंह 2009 में आरा से सांसद चुनी गईं। 2014 तक यहां का उन्होंने प्रतिनिधित्व किया था। इसके पहले कि अगर बात करें तो मीना सिंह 2008 में उपचुनाव में जीत कर बिक्रमगंज लोकसभा सीट क्षेत्र का भी प्रतिनिधित्व किया था। 2014 में मोदी लहर में जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ीं लेकिन हार का सामना करना पड़ा था। 2019 में चुनाव नहीं लड़ीं।







