दरभंगा, देशज टाइम्स। पांच लाख रुपए दहेज की मांग को लेकर सुफिया गौहर की हत्या मामले में चतुर्थ अपर जिला व सत्र न्यायाधीश इनायत करीम की अदालत ने पति समेत छह ससुरालियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषसिद्ध सभी अभियुक्तों की सजा के बिंदु पर सुनवाई और निर्णय चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश इनायत करीम की अदालत ने गुरुवार को शूफिया गौहर के पति मो. आसिफ एकबाल, ससुर मो. शहाबुद्दीन, देवर शैयद एकबाल, सास बीवी रुकसाना, ननद रेहाना सुल्ताना, ननद सह भाभी रजिया सुल्ताना को दस वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोष सिद्ध आरोपियों में मो. आसिफ एकबाल, ससुर मो. शहाबुद्दीन, देवर सैयद एकबाल, सास बीवी रुकसाना, ननद रेहाना सुल्ताना, ननद सह भाभी रजिया सुल्ताना को दोषी करार देने के बाद पीड़ित पक्ष में राहत है। इस हत्याकांड में सूचक के अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह और वकील डॉ. राजीव चंन्द्र झा ने अभियोजन पक्ष का सहयोग किया। वाद अभिलेख के अनुसार, अररिया जिला के रामपुर कोदरकट्टी निवासी मो. मोइनुउद्दीन ने अपनी पुत्री सुफिया गौहर की शादी 23 अक्टूबर 2013 को दरभंगा जिला के विश्वविद्यालय थाने के ताजविशनपुर डीह अलीनगर निवासी मो. शहाबुद्दीन के पुत्र मो. आसिफ एकबाल के साथ की थी। महज पांच लाख रुपये दहेज की पूर्ति नहीं कर पाने की वजह को लेकर हत्याभियुक्तों ने एक राय कर सल्फास खिलाकर और गला दबाकर नव विवाहिता की हत्या 8 जून 2014 की रात्रि में कर दी। इसकी प्राथमिकी मृतका के पिता ने 9 जून को विश्वविद्यालय थाने में दर्ज कराई। 31 अगस्त 2014 को कांड के अनुसंधानक ने छह लोगों के विरुद्ध आरोपपत्र समर्पित किया।









You must be logged in to post a comment.