Bihar Government: बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने स्वीकार किया है कि राज्य के कुछ कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने इस समस्या को दूर करने का भरोसा दिलाया है। बिहार के वित्त मंत्री ने भी इस संबंध में आश्वासन दिया है कि जल्द ही सभी दिक्कतें दूर कर ली जाएंगी।
चौधरी ने साफ तौर पर माना कि वेतन भुगतान में निश्चित तौर पर कुछ परेशानियां हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है, ताकि कर्मचारियों को समय पर उनका भुगतान मिल सके।
वेतन देरी पर मंत्री का कबूलनामा
अशोक चौधरी ने कहा, “निश्चित तौर पर कुछ लोगों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। इसमें कुछ दिक्कतें हैं, लेकिन सरकार इन समस्याओं को दूर करने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में स्थिति सुधरने की उम्मीद है।”
मंत्री ने बताया कि वित्त मंत्री ने भी इस मामले में भरोसा दिया है कि सब कुछ ठीक हो जाएगा। यह बयान उन कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है, जो लंबे समय से वेतन देरी की समस्या से जूझ रहे हैं। सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है।
झारखंड लाठीचार्ज और बिहार का संयम
अशोक चौधरी ने झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने लाठीचार्ज का कड़ा विरोध किया और कहा कि उनकी पार्टी ऐसे कदम का समर्थन नहीं करती। उन्होंने इस संदर्भ में बिहार में प्रदर्शनों के दौरान प्रशासन के संयमित रवैये का उल्लेख किया।
चौधरी ने पटना में हुए प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में प्रशासन ने ऐसी स्थितियों को संयम और समझदारी के साथ संभाला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि झारखंड सरकार भी छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े मामले को गंभीरता से देखेगी और उचित कदम उठाएगी।
तेजस्वी यादव को लालू राज की याद
इस बयान के दौरान तेजस्वी यादव द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र का मुद्दा भी उठा, जिसमें उन्होंने उर्दू और अरबी के शिक्षकों के तबादले को लेकर सवाल उठाए थे। इस पर अशोक चौधरी ने तेजस्वी यादव को करारा जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को इस मामले में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि बिहार सरकार सभी वर्गों और क्षेत्रों से जुड़े मामलों को देखती है। चौधरी ने लालू प्रसाद यादव के शासनकाल का भी जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उर्दू की स्थिति क्या थी, यह सभी जानते हैं। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने उर्दू के लिए काफी काम किया है, और मौजूदा एनडीए सरकार ने भी शिक्षकों से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान किया है।
बिहार सरकार का कहना है कि वेतन संबंधी समस्याओं का जल्द समाधान कर लिया जाएगा। वहीं, राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि तेजस्वी यादव इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और उर्दू शिक्षकों के तबादले का मुद्दा किस दिशा में आगे बढ़ता है।







