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मार्च, 17, 2026
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Araria News: अररिया में गूंजी Prophet Muhammad teachings की महत्ता: राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने समझाया सच्चा जीवन दर्शन…उलझी पगडंडियों पर मार्गदर्शक!

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आवेश आलम अररिया। Prophet Muhammad teachings: जीवन की उलझी पगडंडियों पर जब इंसान भटकने लगता है, तब उसे एक ऐसे मार्गदर्शक की तलाश होती है, जिसके सिद्धांत अंधियारे में भी रोशनी का काम करें। बिहार के अररिया में आयोजित एक सीरत कॉन्फ्रेंस में इन्हीं शाश्वत आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि सच्ची सफलता तभी मिलती है जब किसी व्यक्ति का चरित्र और स्वभाव उसके आचरण में स्पष्ट रूप से दिखाई दे।

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अररिया में गूंजी Prophet Muhammad teachings की महत्ता: राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने समझाया सच्चा जीवन दर्शन

अररिया। सेंटर फॉर पीस एंड ऑब्जेक्टिव स्टडीज (सीपास) के तत्वावधान में शनिवार को शहर के जीरोमाइल स्थित शाही पैलेस में एक सीरत कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ। ‘पैगम्बरी मॉडल और हमारा जीवन’ विषय पर आधारित इस महत्वपूर्ण कॉन्फ्रेंस में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। अपने संबोधन में राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि व्यक्ति का ‘सीरत’ यानी उसका चरित्र व स्वभाव जब उसके आचरण में परिलक्षित होने लगता है, तभी वह सच्ची सफलता प्राप्त करता है।

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राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि इस्लामी परंपरा में, सीरत-उन-नबी (पैगंबर मोहम्मद साहेब के जीवन व चरित्र का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज) नैतिकता, ईमानदारी और सेवा भाव जैसे महत्वपूर्ण Islamic values का एक अमूल्य दस्तावेज है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने समझाया कि ‘सीरत’ का अर्थ विचार और आचार दोनों से है; आपका विचार ही आपकी शिक्षाओं को फैलाने का माध्यम बनता है।

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Prophet Muhammad teachings: नैतिकता और ईमानदारी का पथ

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने ज्ञान के महत्व पर विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि पैगंबर साहेब ने ‘इल्म’ (ज्ञान) को हर मुसलमान के लिए अनिवार्य फर्ज बताया है। इसे ‘जन्नत का रास्ता’ कहा गया है। उनका मानना था कि ज्ञान की तलाश करना इबादत के समान है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने आगे कहा कि ज्ञान वही सार्थक होता है, जो लोगों के लिए लाभकारी हो, समाज को आगे बढ़ाए और इंसान को ईश्वर के करीब ले जाए। यदि कोई व्यक्ति ऐसा कार्य करता है, जिससे समाज को लंबे समय तक लाभ मिलता रहे, तो लोग उसे हमेशा याद रखते हैं। कार्यक्रम के अंत में लोगों ने राज्यपाल से विभिन्न विषयों पर सवाल किए, जिनका जवाब उन्होंने बड़ी बारीकी से दिया। उन्होंने समाज में शांति, भाईचारे व आपसी सद्भाव को मजबूत करने की अपील भी की।

इस कॉन्फ्रेंस में धार्मिक व सामाजिक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। सेंटर फॉर पीस एंड ऑब्जेक्टिव स्टडी्स के अध्यक्ष मौलाना एएचएम दानयाल ने अपने संबोधन में कहा कि आज के विपरीत व चुनौती पूर्ण समय में भी पैगंबर साहेब का जीवन हमारे लिए सबसे बड़ा मार्गदर्शक है। कठिन व विपरीत परिस्थितियों में भी सफल व अर्थपूर्ण जीवन जीने के लिए हमें पैगंबर साहेब की शिक्षाओं को अपनाना चाहिए।

ज्ञान की अहमियत और समाज सेवा

मौलाना दानयाल ने बताया कि पैगंबर मोहम्मद साहेब ने अपने जीवन में अनेक संघर्षों व कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन कभी धैर्य व शांति का रास्ता नहीं छोड़ा। उनके जीवन से हमें जिन Islamic values की सीख मिलती है, उनमें धैर्य, विवेक और शांति प्रमुख हैं। जब मक्का में उनके साथ अत्याचार किए गए, तब भी उन्होंने टकराव का रास्ता नहीं चुना, बल्कि हिजरत कर मदीना चले गए। कुरान में उनके इस संयम व दूरदर्शिता का उल्लेख कई स्थानों पर मिलता है। उनका पूरा जीवन हिकमत, सहनशीलता व मानवता से भरा हुआ था, जिसे हमें अपने जीवन में आत्मसात करने की जरूरत है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

इस अवसर पर राज्यपाल का आयोजक डॉ. कमल हसन, एएच दानयाल, मंजूर आलम सहित अन्य लोगों ने शाल व मोमेंटो देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व राष्ट्रगान गाया गया, जिसके बाद विधिवत कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कॉन्फ्रेंस में बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य लोगों जैसे इस्लामिक स्कॉलर, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पैगंबर मोहम्मद साहब के जीवन व शिक्षाओं से समाज को प्रेरित करना तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा देना था। पैगंबर के जीवन आदर्शों को समाज तक पहुंचाना इस पहल का केंद्र बिंदु था। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, वक्ताओं व उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया।

शाही पैलेस परिसर में पुस्तक का स्टाल भी लगाया गया था, जहां लोगों ने पुस्तकों को पढ़कर जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर डीएम विनोद दूहन, एसपी जितेंद्र कुमार, इ. मंजूर आलम, इं. मतलूम, डॉ. कमल हसन सहित शहर के बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे। गौरतलब है कि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान पटना से सड़क मार्ग से अररिया पहुंचे थे और कार्यक्रम की समाप्ति के बाद वे किशनगंज के लिए रवाना हो गए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

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