
सहयोग शिविर: जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए राज्य सरकारें ऐसे आयोजन करती हैं, लेकिन अरवल के कुर्था प्रखंड में मंगलवार को लगे शिविर में ऐसा कुछ नहीं हुआ। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के सामने ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने प्रखंड प्रशासन पर बिना पैसे काम न करने का गंभीर आरोप लगाया।
अरवल जिले के कुर्था प्रखंड में मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविर विवादों के केंद्र में आ गया। इस शिविर का आयोजन राज्य सरकार के निर्देश पर किया गया था, जिसमें बिहार के पंचायती राज मंत्री और अरवल के प्रभारी मंत्री दीपक प्रकाश भी मौजूद थे। मंत्री की मौजूदगी में ही ग्रामीणों ने खुले मंच से प्रखंड प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठा दिए। लोगों ने आरोप लगाया कि राजस्व अधिकारी (RO), अंचल अधिकारी (CO) और आवास सहायक जैसे अधिकारी बिना पैसे लिए कोई काम नहीं करते। ग्रामीणों का कहना था कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन और सरकारी योजनाओं से जुड़े कामों के लिए उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं, फिर भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता। यह शिविर दरअसल आम लोगों की समस्याओं को मौके पर हल करने के उद्देश्य से लगाया गया था, लेकिन यहां पहुंचे लोगों ने उलटा प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ ही अपनी नाराजगी जाहिर कर दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
सहयोग शिविर में उजागर हुई घूसखोरी
कई ग्रामीणों ने मंत्री दीपक प्रकाश के सामने खुलकर कहा कि कुर्था प्रखंड कार्यालय में रिश्वत दिए बिना उनकी कोई भी फाइल आगे नहीं बढ़ती। लोगों ने आरोप लगाया कि दो से तीन बार आवेदन जमा करने और लगातार कार्यालय जाने के बावजूद उनके काम जानबूझकर लंबित रखे जाते हैं। शिविर में मौजूद बारा पंचायत के एक ग्रामीण ने आवास योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर आवास योजना से जुड़े कार्यों के लिए भी पैसे की मांग की जाती है। उनका स्पष्ट आरोप था कि आवास सहायक बिना पैसे लिए किसी भी लाभार्थी का काम नहीं करते। शिकायतकर्ता ने दुख जताते हुए कहा कि गरीब परिवार सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी परेशान हो रहे हैं। इस बयान के बाद शिविर का माहौल कुछ देर के लिए असहज हो गया और प्रशासनिक अधिकारियों के चेहरे पर भी तनाव साफ दिखाई देने लगा।
प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों की नाराजगी और शिकायतों को देखते हुए वहां मौजूद कई लोगों ने एक साथ खड़े होकर कुर्था प्रखंड की व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की। लोगों का कहना था कि अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसे सहयोग शिविर में भी उनकी समस्याएं नहीं सुनी जाएंगी, तो आम जनता आखिर अपनी गुहार कहां लगाएगी। मंत्री दीपक प्रकाश के सामने उठे इन गंभीर आरोपों के बाद अब सबकी निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन और आवास योजना में कथित भ्रष्टाचार की गहन जांच की जाए और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/ आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







