
Bihar Aviation: बिहार में हवाई यात्रा करने वालों के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेश में नागरिक उड्डयन के तेजी से विकास और हवाई कनेक्टिविटी को 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने इसके लिए विस्तृत रोडमैप बनाने की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे राज्य में हवाई सेवाओं का जाल बिछाया जा सके।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास एक अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ सभागार में नागर विमानन विभाग, भारत सरकार और सिविल विमानन विभाग बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
इस बैठक में हवाई अड्डों और हवाई पट्टियों के विकास एवं आधुनिकीकरण, हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार और सुरक्षा ढाँचे के विकास सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। सिविल विमानन विभाग के सचिव निलेश रामचन्द्र देवरे ने उड़ान योजना सहित नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारत सरकार से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
विमानन क्षेत्र में बिहार की उड़ान: हवाई अड्डों का आधुनिकीकरण और Bihar Aviation विकास
बैठक में नागर विमानन मंत्रालय भारत सरकार के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने विशेष रूप से पटना हवाई अड्डा के रनवे विस्तार और क्षमता वृद्धि को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इसके अतिरिक्त, दरभंगा हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने, अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना, पूर्णिया हवाई अड्डे के स्थाई सिविल एन्क्लेव का निर्माण, मुजफ्फरपुर-वाल्मीकिनगर, सहरसा एवं बीरपुर हवाई अड्डों का विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई। संशोधित उड़ान योजना के अंतर्गत बिहार को प्राथमिकता देने और अतिरिक्त हवाई अड्डों को इस योजना में शामिल करने पर भी बल दिया गया। फारबिसगंज हवाई अड्डे का उन्नयन और राज्य की हवाई पट्टियों का तकनीकी मानकों के अनुरूप उन्नयन भी एजेंडा में शामिल था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मुख्यमंत्री का विजन: बिहार बनेगा पूर्वी भारत का एविएशन हब
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बिहार में नागरिक उड्डयन का तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने अगले पांच वर्षों में एयर कनेक्टिविटी को 10 गुना बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य सरकार सभी जिलों में एयर कनेक्टिविटी विकसित करने के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री ने सिविल विमानन विभाग को हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण, सुरक्षा और समावेशी विकास को लेकर विस्तृत योजना पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया। पूर्वी भारत में बिहार को क्षेत्रीय ऐविएशन हब के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे Bihar Aviation को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।मुख्यमंत्री ने पटना हवाई अड्डा के रनवे विस्तार एवं क्षमता वृद्धि को लेकर तेजी से काम करने का निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार नागर विमानन मंत्रालय, भारत सरकार को हर संभव सहयोग करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि दरभंगा हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा मिलने से अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों की संभावनाएं बढ़ेंगी। मुख्यमंत्री का कहना था कि बिहार को एक अग्रणी नागरिक उड्डयन केंद्र के रूप में विकसित करना है, जिसमें सुरक्षित, निर्बाध और टिकाऊ संपर्क हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।हवाई कनेक्टिविटी में वृद्धि से राज्य में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को काफी बढ़ावा मिलेगा, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे, जिससे प्रदेश के विकास को गति मिलेगी।बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, नागर विमानन मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव समीर कुमार सिन्हा, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष विपिन कुमार, नागर विमानन मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव असंगबा चुबा आओ, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ. गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह और सिविल विमानन विभाग के सचिव निलेश रामचंद्र देवरे सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







