
दरभंगा, देशज टाइम्स ब्यूरो। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग में शिक्षाशास्त्री (बीएड) का 2020-22 सत्र् गुरूवार को प्रारंभ हुआ। मौके पर बतौर मुख्य अतिथि विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.शशिनाथ झा ने कहा कि, शिक्षा का उद्देश्य ज्ञान अर्जित करना है, केवल पैसा अर्जित करना नहीं। उन्होंने संस्कृत के एक श्लोक “यस्तु क्रियावान पुरूष: स विद्वान” जो विद्या को आचरण में उतारे वही विद्वान है, सुनाकर छात्रों का मनोबल बढ़ाया।
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उन्होंने कहा कि “पहले पढ़ी तखन गुनी”। साथ ही उन्होंने कहा कि पहले तो गुरुकुल व्यवस्था के कारण गुरु आश्रम में ही शिक्षक-प्रशिक्षण मिल जाया करता था, पर अब अलग से प्रशिक्षण की जरूरत होती है। आपलोग इस प्रशिक्षण के लिए आये हैं, अपनी उपस्थिति को नियमित कर उचित प्रशिक्षण प्राप्त करें और जीवन को सफल बनाएं।
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कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ शिक्षक डॉ. ऋद्धिनाथ झा ने किया। स्वागत भाषण विभागाध्यक्ष डॉ. रामनंदन झा ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंगलाचरण के साथ हुई। मंगलाचरण छात्र बलराम झा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन विभागीय प्राध्यापिका डॉ. रीता सिंह ने किया।
इस कार्यक्रम में सभी विभागीय शिक्षक,शिक्षिका और शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित थे।
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