Bhagalpur Muharram News: भागलपुर में मुहर्रम त्योहार की तैयारियों को लेकर सेंट्रल मोहर्रम कमेटी ने एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। यह कमेटी की तीसरी बैठक थी, जिसमें त्योहार से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य मुहर्रम के दौरान श्रद्धालुओं और अखाड़ों को होने वाली परेशानियों को दूर करना तथा एक सुचारू और शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करना था।
पूर्वी जोन में सेंट्रल मोहर्रम कमेटी के सह-संयोजक जीनी हमीदी की अध्यक्षता में यह बैठक संपन्न हुई। कार्यक्रम का संचालन कमेटी के संयोजक डॉ. फारूक अली ने किया, जबकि कार्यकारी संयोजक महबूब आलम ने उपस्थित सभी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापन किया। इस बैठक में पूर्वी क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों के अध्यक्षों, सचिवों और अखाड़ों के खलीफाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जहाँ उन्होंने अपने-अपने इलाकों की समस्याओं और सुझावों को विस्तार से साझा किया।
बैठक के दौरान इशाकचक के थाना प्रभारी श्री आलोक कुमार और लोदीपुर के थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। मीडिया प्रभारी मो. तकी अहमद जावेद ने उन्हें अंग वस्त्र और बुके भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इसके अतिरिक्त, सेंट्रल मोहर्रम कमेटी के सह-संयोजक मिंटू कलाकार ने मुस्तफापुर के खलीफा को सम्मानित किया, वहीं मोहम्मद इम्तियाज उल हक ने खंजरपुर के खलीफा का सम्मान किया। इस अवसर पर नौजवान अंजुमन कमेटी के शहजाद खान, मोहम्मद आसिफ खान, मोहम्मद मेराज बबलू, भोला खान, मोहम्मद हिमायू, जुम्मन अंसारी, वार्ड पार्षद जावेद अंसारी, नज़ाहट अंसारी, मोहम्मद सिकंदर, अब्दुल करीम अंसारी, सैफुल्लाह अंसारी, शाहबाज खान, मोहम्मद जमाल, मोहम्मद मदनी, मोहम्मद काबुल, मिंटू कलाकार, मोहम्मद मंसूर, मोहम्मद सरवर, मोहम्मद चांद, मोहम्मद शमशेर, मोहम्मद रिजवान, मोहम्मद इसराइल, मोहम्मद चुना, मोहम्मद मुजम्मिल, मोहम्मद शाहबाज सहित कई अन्य महत्वपूर्ण सदस्य उपस्थित थे।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मुहर्रम की तैयारियों पर गहरा मंथन
उपस्थित सभी सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं पर गहनता से विचार-विमर्श किया। सबसे प्रमुख समस्या मुर्तजा अली दरगाह बड़े इमामबाड़े के पास जल जमाव की थी, जिससे मुहर्रम के जुलूस और श्रद्धालुओं को आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। यह समस्या हर साल त्योहार के दौरान एक बड़ी चुनौती बन जाती है।
इसके साथ ही, शाहजंगी मेला मैदान में कूड़े का अंबार लगा होना और मियां साहब के मैदान में भी पानी भर जाना जैसी गंभीर समस्याओं पर चिंता व्यक्त की गई। इन स्थानों की साफ-सफाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से त्योहार का माहौल प्रभावित होता है और लोगों में असंतोष बढ़ता है। Bhagalpur Committee Meeting में यह भी बताया गया कि कोतवाली बड़े इमामबाड़े के पास साफ-सफाई की कमी और अतिक्रमण भी एक बड़ी चुनौती है, जिससे जुलूस के मार्ग में बाधा उत्पन्न होती है।
इन सभी समस्याओं को लेकर सेंट्रल मोहर्रम कमेटी ने एक बड़ा फैसला लिया है। कमेटी के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया है कि वे जल्द ही जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात के दौरान वे इन सभी मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे और मुहर्रम त्योहार से पहले इनके समाधान की मांग करेंगे। कमेटी का स्पष्ट लक्ष्य है कि इस साल का मुहर्रम बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो।
प्रशासन से समाधान की उम्मीद
क्षेत्रीय थानों से अतिक्रमण मुक्त कराने और भोलानाथ पुल से गुजरने वाले अखाड़ों की समस्याओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। इशाकचक के थाना प्रभारी ने सभी खलीफाओं को दिनांक 15 जून, 2026 को सुबह 10 बजे थाने पर बुलाया है। इस बैठक में अखाड़ों के मार्गों से संबंधित समस्याओं, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। पुलिस प्रशासन इन समस्याओं का निदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को प्रतिबद्ध है।
इस पहल से न केवल अखाड़ों के खलीफाओं को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा, बल्कि पुलिस प्रशासन को भी जमीनी हकीकत समझने में मदद मिलेगी। उम्मीद है कि इस बैठक के माध्यम से मुहर्रम के दौरान संभावित बाधाओं को दूर किया जा सकेगा और त्योहार के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक में मोहम्मद नूर हसन फरीदी, खंजरपुर के खलीफा जावेद अंसारी और अन्य खलीफा सहित कई महत्वपूर्ण व्यक्ति उपस्थित थे, जिन्होंने इस प्रशासनिक पहल का स्वागत किया।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंआप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
सेंट्रल मोहर्रम कमेटी की यह बैठक भागलपुर में मुहर्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने और संभावित चुनौतियों का सामना करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सभी हितधारकों – समुदाय के सदस्यों, अखाड़ा खलीफाओं और स्थानीय प्रशासन – के सक्रिय सहयोग से ही एक सफल, सुरक्षित और शांतिपूर्ण त्योहार का आयोजन संभव हो पाएगा।







