
Convocation Ceremony: बिहार कृषि विश्वविद्यालय में शानदार ‘Convocation Ceremony’ का आयोजन हुआ। राज्यपाल की उपस्थिति, मखाने की माला और पारंपरिक वेशभूषा में सजे छात्रों का उत्साह, सब कुछ दीक्षांत समारोह को यादगार बना गया। इस दौरान 443 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं और कुछ मेधावियों को गोल्ड मेडल से नवाजा गया।भागलपुर के बिहार कृषि विश्वविद्यालय (Bihar Agriculture University) में नौवां Convocation Ceremony शांत और व्यवस्थित माहौल में संपन्न हो गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जिनका स्वागत पारंपरिक अंदाज में मखाना की माला पहनाकर किया गया। विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों, अभिभावकों और स्टाफ के बीच भारी उत्साह देखने को मिला। कुलपति की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह के लिए 22 अलग-अलग समितियों ने मिलकर काम किया, जिससे कार्यक्रम पूरी तरह सफल रहा।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस दीक्षांत समारोह में कुल 443 विद्यार्थियों को उनकी मेहनत का फल मिला। इनमें 339 स्नातक विद्यार्थी थे (149 छात्र, 190 छात्राएं)। स्नातकोत्तर स्तर पर 91 विद्यार्थियों को डिग्री मिली, जिसमें 54 छात्र और 37 छात्राएं शामिल थीं। इसके अलावा, 13 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया, जिनमें 6 छात्र और 7 छात्राएं शामिल रहीं। छात्र-छात्राएं पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए, छात्रों ने सफेद कुर्ता-पायजामा और लेमन रंग की पगड़ी व अंगवस्त्र पहना, जबकि छात्राओं ने सफेद सलवार-लेमन येलो कुर्ती या साड़ी और लाल ब्लाउज के साथ अंगवस्त्र धारण किया था, जिससे पूरे परिसर में एकरूपता और भव्यता दिख रही थी।
Convocation Ceremony: मेधावियों को मिले गोल्ड मेडल, शिक्षक भी हुए सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान सात मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी उत्कृष्ट अकादमिक प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। साथ ही, सर्वश्रेष्ठ शिक्षक और सर्वश्रेष्ठ शोधार्थी को भी उनके विशिष्ट योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया, जो उनके समर्पण और कड़ी मेहनत का सम्मान था।
आधुनिक तकनीक से लैस डिग्रियां और नई सुविधाएं
इस वर्ष दीक्षांत समारोह में प्रदान किए गए प्रमाण-पत्र आधुनिक तकनीक से तैयार किए गए थे। इनमें माइक्रो प्रिंटिंग और क्यूआर कोड जैसी विशेषताएं शामिल थीं। क्यूआर कोड स्कैन करने पर छात्र की पूरी जानकारी तुरंत मिल जाती है, जिससे डिग्री की प्रामाणिकता और जांच प्रक्रिया काफी आसान हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि सभी डिग्रियां अब डिजिलॉकर पर भी उपलब्ध हैं, जिससे छात्र इन्हें ऑनलाइन भी आसानी से एक्सेस कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने बिहार कृषि विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए बने नए स्विमिंग पूल का भी उद्घाटन किया, जिससे परिसर में खेल और शारीरिक गतिविधियों के लिए एक और महत्वपूर्ण सुविधा जुड़ गई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







