
विश्व णमोकार दिवस: भागलपुर सहित पूरे देश में जैन समाज ने एक अनूठा संदेश दिया है। जहां एक ओर दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और हिंसा की आग भड़की हुई है, वहीं दूसरी ओर जैन धर्मावलंबियों ने णमोकार मंत्र का सामूहिक उच्चारण कर वैश्विक शांति और अहिंसा का आह्वान किया। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब मानवता को सकारात्मक दिशा की सबसे अधिक आवश्यकता है।
विश्व णमोकार दिवस और अहिंसा परमो धर्मः का सिद्धांत
वर्तमान समय में बढ़ती हिंसक घटनाओं और संघर्षों ने जनमानस में नकारात्मकता का वातावरण बना दिया है। ऐसे में ‘अहिंसा परमो धर्मः’ के सिद्धांत को आत्मसात करने की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है। जैन समाज ने इस दिवस के माध्यम से सिद्ध किया कि अहिंसा केवल एक धार्मिक विचार नहीं, बल्कि जीवन जीने की सर्वोत्तम पद्धति है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यदि हर व्यक्ति अपने जीवन में अहिंसा और सहिष्णुता को अपनाए, तो वैश्विक शांति की स्थापना संभव है।
सामूहिक णमोकार मंत्र जाप से गूंजा अंग देश
कार्यक्रम में जैन समाज के बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने एक स्वर में णमोकार मंत्र का जाप करते हुए विश्व में शांति, सौहार्द और भाईचारे की स्थापना की अपील की। समाज के प्रतिनिधियों ने जोर देकर कहा कि आज के तनावपूर्ण माहौल में आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाकर ही एक बेहतर और शांतिपूर्ण समाज का निर्माण किया जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
यह विश्व णमोकार दिवस केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि यह मानवता को एक शाश्वत संदेश देता है कि प्रेम, सहिष्णुता और अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही हम एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।






