
बिहार में में अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए विशेष पहल शुरू की गयी है। सभी जिलों को पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिया कि वे अपने यहां के टॉप अपराधियों की सूची तैयार करें। इन सभी अपराधियों पर सीसीए (Crime Control Act) लगाने की भी पहल की जाएगी।
सभी जिलों में अभियान चलाकर अपराधियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सीसीए के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें अपराधियों को तड़ीपार या जिला बदर करने के अलावा उनकी गिरफ्तारी कराने या बेल रद्द कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसे अभियान के तौर पर चलाया जाएगा।
एडीजी (मुख्यालय) जितेंद्र सिंह गंगवार ने बताया कि राज्य में अपराधियों के खिलाफ सीसीए के अंतर्गत कार्रवाई करने से संबंधित अभियान चलाया जाएगा। सभी जिलों को आदेश जारी किया गया है। अपराधियों के मनोबल को तोड़ने और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए यह पहल की गयी है।
इसमें पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, खगड़िया, गया, दरभंगा, कटिहार, वैशाली, पूर्णिया समेत अन्य जिले शामिल हैं। सभी जिलों को हत्या के अलावा गैंगवार, डकैती, फिरौती, धमकी, लूट, वसूली जैसे अन्य सभी संगीन अपराधों में शामिल अपराधियों की पहचान कर खासकर ऐसे मामलों में बेल पर चल रहे आरोपितों के खिलाफ सीसीए के तहत विशेष तौर पर कार्रवाई करने को कहा गया।
सभी जिलों से कहा गया है कि वे सूची बनाने में इस बात का खासतौर से ध्यान रखें कि आपराधिक इतिहास क्या रहा है, कितने एफआईआर दर्ज हैं और वर्तमान में आपराधिक गतिविधि क्या रही हैं। इसके अलावा बेल पर रिहा होकर आए अपराधियों पर भी खासतौर से नजर रखने के लिए कहा गया है।
बेल पर चल रहे अपराधियों की वर्तमान में गतिविधि क्या है, इसका पूरा लेखा-जोखा तैयार करने के लिए कहा गया है। इसमें अगर किसी की गतिविधि थोड़ी भी संदिग्ध पाई गई, तो उनका बेल रद्द कराने के लिए खासतौर से पहल की जाए। जिन जिलों में आपराधिक गतिविधि अधिक रही है, वहां विशेष तौर पर पहल करने के लिए कहा गया है।
जिला स्तर पर सीसीए लगाने के लिए जिला जज की अध्यक्षता में निगरानी समिति बनी हुई है। इसके अलावा संगीन मामलों में एसपी के स्तर से भी इस कानून के अंतर्गत कार्रवाई की जा सकती है। सभी जिलों को पुलिस मुख्यालय को भी इसमें की गई कार्रवाई की जानकारी भी मुहैया करानी है।







