
रहस्यमयी बुजुर्ग महिला: बेनीपुर अनुमंडल कार्यालय परिसर में पिछले पखवाड़े भर से एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला चर्चा का विषय बनी हुई है। वह दिनभर साफ-सफाई करती है, किसी से बात नहीं करती और शाम को कचरा जलाकर परिसर में ही सो जाती है। आखिर कौन है यह महिला और क्या है इसकी कहानी?
बेनीपुर अनुमंडल कार्यालय के बाहर पिछले करीब पंद्रह दिनों से एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला लोगों के लिए कौतूहल का केंद्र बनी हुई है। यह महिला दिनभर अनुमंडल परिसर और आसपास के इलाकों में साफ-सफाई में जुटी रहती है। उसे आम लोगों की बातचीत या अन्य गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं होता। वह चुपचाप अपना काम करती रहती है। शाम ढलते ही वह इकट्ठा किए गए कचरे को एक जगह जमा कर उसमें आग लगा देती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पहचान बनी पहेली
इस महिला का स्वभाव ऐसा है कि वह किसी से भी बातचीत नहीं करती। अगर कोई उसे रोकने-टोकने की कोशिश करता है या कुछ पूछना चाहता है, तो वह कोई जवाब नहीं देती। भूख लगने पर वह सड़क किनारे बनी फुटपाथी दुकान से कुछ मांगकर खा लेती है और पानी पीकर फिर से अपने काम में जुट जाती है। वह लोगों से दूरी बनाए रखती है और किसी भी तरह के लालच से उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। एक संवाददाता ने जब उसे बुलाकर बात करने की कोशिश की तो वह आने से मना कर गई। जब उसके पास पहुंचकर कुछ पैसे देने का प्रयास किया गया तो वह गुस्से में झल्ला उठी। उसने अपना परिचय भी नहीं बताया। इस रहस्यमयी बुजुर्ग महिला का सफाई अभियान हर किसी को हैरान कर रहा है। काफी कुरेदने पर वह केवल तुतलाकर ‘भगवानिया देवी’ नाम बताती है और फिर अपने काम में लग जाती है। पिछले लगभग एक पखवाड़े से यही उसकी दिनचर्या बनी हुई है।
अजीबोगरीब दिनचर्या और स्वभाव
यह रहस्यमयी बुजुर्ग महिला देर शाम अनुमंडल परिसर में ही सो जाती है। कभी अनुमंडल आरक्षी पदाधिकारी के बरामदे पर तो कभी वकालतखाने के बरामदे पर। सुबह उठते ही वह फिर से अपने सफाई अभियान में जुट जाती है। उसकी इस दिनचर्या और पहेली जैसी पहचान ने आम लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







