Darbhanga News: बिहार के दरभंगा जिले के बेनीपुर नगर परिषद में सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दसवें दिन भी जारी है। इस वजह से पूरे क्षेत्र में गंदगी का अंबार लग गया है और आम लोगों का जीवन दूभर हो गया है। बाजारों और सड़कों पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे स्थानीय लोगों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कचरे के ढेर पर दुकानें, जनजीवन अस्त-व्यस्त
सफाईकर्मियों की हड़ताल के कारण बेनीपुर के विभिन्न चौक-चौराहों और मुख्य बाजारों की सड़कें कचरे से पटी पड़ी हैं। मंगलवार को साप्ताहिक हाट के दौरान व्यापारियों को कचरे के ढेर पर ही अपनी दुकानें लगानी पड़ीं। ग्राहकों को भी इन कचरे के ढेरों के बीच से होकर दुकानों तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। आशापुर, बहेड़ा और बेनीपुर के मुख्य बाजारों की यह स्थिति है, तो ग्रामीण वार्डों की हालत का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।




स्थानीय निवासियों का कहना है कि सफाईकर्मी पिछले कई दिनों से झाड़ू लगाने या कचरा उठाने नहीं आ रहे हैं। सड़कों पर मृत जानवरों के शव भी कई दिनों से पड़े हुए हैं, जिससे उठने वाली दुर्गंध ने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इस गंभीर समस्या पर न तो नगर परिषद और न ही अनुमंडल प्रशासन कोई ध्यान दे रहा था।
प्रशासन की पहल, अधिकारी फिर भी नदारद
स्थानीय मीडिया में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन की नींद खुली। अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) मनीष कुमार झा ने स्वयं इस मामले का संज्ञान लिया और समाधान के लिए एक बैठक बुलाई। उन्होंने सभी सफाईकर्मियों और नगर परिषद के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
हालांकि, इस महत्वपूर्ण बैठक में भी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी और मुख्य पार्षद अनुपस्थित रहे। उनकी गैरमौजूदगी ने समाधान की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इस स्थिति से साफ पता चलता है कि प्रशासन के कुछ महत्वपूर्ण पदाधिकारी इस गंभीर समस्या के प्रति कितने उदासीन हैं।
समाधान पर असमंजस बरकरार
सफाईकर्मी संघ के अध्यक्ष मार्शल राम ने बताया कि आज भी कार्यपालक पदाधिकारी और मुख्य पार्षद से उनकी कोई वार्ता नहीं हो सकी है। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी पर भरोसा जताते हुए कहा कि सभी सफाईकर्मियों से बातचीत के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल, सफाईकर्मियों की हड़ताल समाप्त होने और कचरा प्रबंधन की समस्या के समाधान को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। क्षेत्र की जनता को अभी भी इस गंदगी और दुर्गंध से मुक्ति का इंतजार है। अनुमंडल पदाधिकारी की पहल के बावजूद, नगर परिषद के शीर्ष अधिकारियों की अनुपस्थिति ने गतिरोध को और बढ़ा दिया है।







