Bihar Sanitation Workers: पूरे Bihar में सफाई व्यवस्था को लेकर कई जगहों पर सवाल उठते रहे हैं। इसी कड़ी में जाले प्रखंड की सहसपुर पंचायत के वार्ड नंबर पांच घोघराहा के सफाईकर्मियों ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने बीडीओ को आवेदन देकर अगस्त 2024 से मानदेय बकाया रहने का गंभीर आरोप लगाया है। सफाईकर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ, तो वे पंचायत भवन पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे। इस स्थिति से न केवल सफाईकर्मियों का जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि ग्रामीणों को भी गंदगी और मच्छरों के प्रकोप का सामना करना पड़ रहा है।
मानदेय को लेकर बड़ा खुलासा: 12 महीने में सिर्फ दो बार भुगतान
सफाईकर्मी तारानंद झा और उनके साथियों ने बताया कि पिछले 12 महीनों में उन्हें केवल दो बार भुगतान मिला है। नवंबर 2024 और मार्च 2025 में उन्हें मात्र ढाई-ढाई हजार रुपये दिए गए। उनका कहना है कि सरकार ने मासिक मानदेय पांच हजार रुपये निर्धारित किया है, लेकिन उनके खाते में सिर्फ ढाई हजार रुपये आ रहे हैं। बाकी के ढाई हजार रुपये का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं दिया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। यह स्थिति Bihar के कई सफाईकर्मियों की दुर्दशा को दर्शाती है।
जर्जर संसाधनों से सफाई: बदहाल व्यवस्था की खुली पोल
सफाईकर्मियों ने काम के लिए उपलब्ध कराए गए संसाधनों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि उन्हें नीचे से फटे हुए जर्जर डस्टबिन और जंग लगी टूटी हुई ट्राइसाइकिल दी गई है। इन बदहाल उपकरणों के साथ सफाई का काम करना बेहद मुश्किल हो गया है। लंबे समय से मानदेय नहीं मिलने के कारण सफाईकर्मियों के लिए अपने परिवार का खर्च चलाना और बच्चों की पढ़ाई जारी रखना असंभव हो गया है। तारानंद झा ने साफ कहा कि एक साल से वे भुगतान की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन अब सब्र का बांध टूट रहा है।
ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें: मच्छरों का प्रकोप, जाम नालियां
इस बदहाल सफाई व्यवस्था का सीधा असर घोघराहा के ग्रामीणों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, नालियां कचरे से जाम पड़ी हैं, जिससे मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है और बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। उनका दावा है कि पंचायत स्तर पर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। यह स्थिति स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती है।
बीडीओ कार्यालय की ओर से जानकारी दी गई है कि सफाईकर्मियों का आवेदन प्राप्त हो चुका है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही भुगतान की कार्रवाई की जाएगी।
सफाईकर्मियों ने बीडीओ से अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की है। उनकी प्रमुख मांगों में बकाया मानदेय का पूरा भुगतान, प्रत्येक माह निर्धारित पांच हजार रुपये का मानदेय और नए डस्टबिन व सफाई वाहन उपलब्ध कराना शामिल है। इन मांगों पर त्वरित कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की संभावना है, जिससे Bihar की सफाई व्यवस्था पर और भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।







