Bihar Train Fraud: यात्रियों को अपना शिकार बनाने वाले एक बड़े अंतरप्रांतीय गिरोह का समस्तीपुर रेल मंडल से पर्दाफाश हुआ है। बिहार में ट्रेनों के अंदर ठगी करने वाले इस गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक पिता और उसके दो बेटे शामिल हैं, जो समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर सक्रिय थे।
आरपीएफ ने समस्तीपुर जिले के हसनपुर थाना क्षेत्र के सकिन हसनपुर (वार्ड नंबर 9) निवासी मोहम्मद यूनुस और उसके बेटों मोहम्मद दाऊद (24 वर्ष) व मोहम्मद गुड्डू (25 वर्ष) को धर दबोचा है। इस कार्रवाई से रेल यात्रियों को झांसा देकर ठगी करने वाले अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं।
किराए के मकान में रचते थे ठगी की साजिश
जांच में सामने आया है कि आरोपी मोहम्मद यूनुस अपने दोनों बेटों के साथ धर्मपुर इलाके में किराए का मकान लेकर रहता था। यहीं से यह गिरोह ट्रेनों में यात्रियों को ठगने की योजनाएं बनाता था। यह गैंग पीले प्लास्टिक में लपेटा हुआ नकली सोना, जो वास्तव में पीतल या पीली धातु होता था, लेकर रोजाना ट्रेनों में सफर करता था। गिरोह के सदस्य आम यात्रियों का वेश बनाकर बोगियों में बैठ जाते थे और अपने अगले शिकार की तलाश करते थे।
नकली नोट के खेल से यात्रियों को फंसाते थे
आरपीएफ की पड़ताल में इस गिरोह के ठगी करने का अनोखा तरीका उजागर हुआ है। ट्रेन में सफर के दौरान गैंग के सदस्य खुद ही खरीदार बनने का नाटक करते थे। आरोपी के पास नकली नोटों की गड्डी पहले से मौजूद रहती थी। गिरोह का एक सदस्य पिता-पुत्र को नकली नोट थमाकर उनसे बहुत सस्ते दाम में पीला सोना खरीदने का दिखावा करता था। कम कीमत में ‘सोना’ बिकता देख आसपास बैठे सीधे-साधे यात्री लालच में आ जाते थे। इसके बाद वे अपनी मेहनत की असली कमाई देकर उनसे नकली सोना खरीद लेते थे और ठगी का शिकार हो जाते थे।
दरभंगा की महिला की शिकायत पर आरपीएफ ने की कार्रवाई
बीते दिनों दरभंगा से सफर कर रही एक महिला यात्री इसी गिरोह के झांसे में आ गई थीं। उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई गंवा दी। पीड़िता की लिखित शिकायत के बाद आरपीएफ मंडल सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। आरपीएफ इंस्पेक्टर अविनाश क्रोशिया, सब इंस्पेक्टर शशिकांत तिवारी, राधेश्याम, जितेंद्र कुमार और सीआईबी के मुकेश रंजन की टीम ने सघन चेकिंग अभियान चलाकर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान इनके पास से एक चोरी का मोबाइल भी बरामद हुआ है।
जीआरपी थाना अध्यक्ष बीरबल कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, ‘पीड़ित महिला की शिकायत और आरपीएफ की कार्रवाई के आधार पर सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तार पिता और उसके दोनों बेटों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और पिछले आपराधिक इतिहास को खंगालने में जुटी है।’
इस गिरफ्तारी से ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को धोखाधड़ी से बचाने में बड़ी मदद मिलेगी। आरपीएफ ने आश्वासन दिया है कि ऐसे गिरोहों पर उनकी कड़ी नजर बनी रहेगी।







