बेनीपुर। बिहार स्टेट बार काउंसिल ने बेनीपुर बार काउंसिल के महासचिव पद की मतगणना को रोकते हुए प्रमाण पत्र वितरण पर रोक लगा दी है। तत्काल के प्रभाव से संयुक्त सचिव को महासचिव पद का निर्वहन करने का निर्देश दिया है।
जानकारी के अनुसार, गत 11 मार्च को बेनीपुर बार एसोसिएशन के संपन्न हुए चुनाव में 5 अधिवक्ताओं ने महासचिव पद के लिए अपनी उम्मीदवारी दाखिल की थी।






इसमें संपन्न हुए मतगणना में अधिवक्ता संजीव कुमार झा को एकमत से विजय घोषित किया गया था। लेकिन निकटतम प्रतिद्वंदी रहे अधिवक्ता सुशील कुमार चौधरी ने बिहार स्टेट बार कौंसिल को आवेदन भेज कर मतदान एवं मतगणना में व्यापक अनियमितता का आरोप लगाया था।
उन्होंने दिए आवेदन में कहा कि बिहार स्टेट बार कौंसिल द्वारा जारी की गई मतदाता सूची में 102 अधिवक्ताओं का नाम शामिल था, जिसमें बाद में एक अधिवक्ता लक्ष्मण यादव का नाम बिहार स्टेट बार काउंसिल के निर्देश पर पुनः जोड़ा गया। लेकिन मतदान के समय लाल कांत ठाकुर अधिवक्ता जो वर्तमान समय में बेनीपुर बार एसोसिएशन के मतदाता नहीं हैं से भी मतदान कराया गया।
जिनका बैलट क्रम संख्या 42 है। वह मतदान संजीव कुमार झा के पक्ष में किया गया है। एक मतदान बॉक्स के बाहर बॉर्डर लाइन पर लगा हुआ है जिसे रद्द करने के बजाए संजीव कुमार झा के पक्ष में जोर दिया गया है।
उन्हें निर्वाचित घोषित करते हुए विजयी घोषित किया गया है। बिहार स्टेट बार कौंसिल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्वाची पदाधिकारी को सभी कागजात एवं बैलेट के साथ 27 मार्च से पूर्व स्टेट बार काउंसिल में जमा करने का निर्देश दिया है।
साथ ही विजय घोषित अधिवक्ता संजीव कुमार झा एवं प्रतिद्वंदी रहे अधिवक्ता सुशील कुमार चौधरी को 27 मार्च को स्टेट बार काउंसिल में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। साथ ही तत्काल के प्रभाव से निर्वाची पदाधिकारी सेवती कुमार प्रसाद को निर्देशित किया गया है कि महासचिव पद के लिए प्रमाण पत्र पर रोक लगाते हुए संयुक्त सचिव राम कुमार झा को तत्काल के प्रभाव से सचिव का प्रभाव दिलाना सुनिश्चित करें। इस संबंध में पूछने पर निर्वाची पदाधिकारी सेवती कुमार प्रसाद ने स्टेट बार काउंसिल के निर्णय की पुष्टि की है।








