Darbhanga Abduction: बिहार के दरभंगा जिले में एक युवक के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लहेरियासराय थाना क्षेत्र में दोस्ती के बहाने एक युवक को अगवा कर 50 हजार रुपये की फिरौती मांगने वाले पांच बदमाशों को पुलिस ने महज कुछ घंटों में ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल पीड़ित को सुरक्षित बचाया गया, बल्कि अपराधियों के मंसूबों पर भी पानी फिर गया।
यह घटना लहेरियासराय थाना क्षेत्र के पंडासराय से सामने आई है। मधुबनी जिला के बाबू बरही थाना क्षेत्र के बडुआर गांव निवासी सत्यम मिश्रा ने लहेरियासराय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। सत्यम ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2023 में वह नाका पांच के पास रहकर इंटर की पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान उनकी दोस्ती चंद्रभूषण रंजन और पंडासराय निवासी पीयूष कुमार से हुई।






दरभंगा में दोस्त ने ही किया कांड: 50 हजार की फिरौती मांगते ही दबोचे गए 5 बदमाश, फिर क्या हुआ?
Darbhanga Kidnapping: बिहार के दरभंगा जिले में एक सनसनीखेज अपहरण का मामला सामने आया है। लहेरियासराय थाना क्षेत्र से एक युवक को रुपए के लिए अगवा कर लिया गया था, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने अपहरणकर्ताओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया। कुछ ही घंटों के भीतर, पुलिस ने इस वारदात में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और अपहृत युवक को सुरक्षित बचा लिया।
मधुबनी जिले के बडुआर गांव निवासी सत्यम मिश्रा ने लहेरियासराय थाने में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 2023 में जब वे नाका पांच के पास रहकर इंटर की पढ़ाई कर रहे थे, तब उनकी दोस्ती चंद्रभूषण रंजन और पंडासराय के पीयूष कुमार से हुई थी। सत्यम ने चंद्रभूषण रंजन से 2025 में पांच हजार रुपये उधार लिए थे। कुछ महीनों बाद, चंद्रभूषण मधुबनी के सोना लूट कांड में जेल चला गया था।
पैसे के लिए दोस्त बना दरिंदा, मांगी 50 हजार की रंगदारी
चंद्रभूषण के जेल जाने के बाद, सत्यम काम करने के लिए पंजाब के भटिंडा चले गए। 10 दिन पहले ही वे भटिंडा से लौटे थे। 8 जुलाई की रात, सत्यम पंडासराय स्थित अपने दोस्त पीयूष कुमार के घर रात्रि भोज में शामिल हुए और वहीं रुक गए। अगली शाम, 9 जुलाई को जब वे पीयूष के घर से निकल रहे थे, तभी चंद्रभूषण रंजन ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उन्हें जबरन बाइक पर बैठा लिया। इसके बाद, आरोपियों ने सत्यम से पांच हजार रुपये के पुराने कर्ज के बदले 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगनी शुरू कर दी और उनका मोबाइल भी छीन लिया।
पुलिस की तत्परता से बची जान, पांच आरोपी गिरफ्तार
सत्यम के दोस्त पीयूष कुमार और उनके घरवालों को जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल लहेरियासराय थाना पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और बिना देर किए कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर अपहरण में शामिल सभी पांचों आरोपियों को धर दबोचा।
थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया, ‘प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। अपहरण में शामिल सभी पांचों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहृत युवक को सुरक्षित बरामद कर लिया है।’
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बेता थाना क्षेत्र के बेता का चंद्रभूषण रंजन, बहेरी थाना क्षेत्र के नवडेगा का कृष्ण मोहन कुमार, कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के कुशेश्वरस्थान का राम यादव, बेता का शुभम कुमार और बहेरी थाना क्षेत्र के लागोपुर का रवि कुमार शामिल हैं। पुलिस की इस तत्परता से न सिर्फ एक युवक की जान बची, बल्कि अपराधियों को भी उनके अंजाम तक पहुंचाया गया है।
पुराने दोस्त ने रची साजिश, मांग ली बड़ी फिरौती
सत्यम मिश्रा के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2025 में चंद्रभूषण रंजन से पांच हजार रुपये लिए थे। कुछ महीनों बाद चंद्रभूषण मधुबनी के सोना लूट कांड में जेल चला गया था। जेल से छूटने के बाद सत्यम पंजाब के भटिंडा काम करने चले गए। करीब 10 दिन पहले भटिंडा से लौटने के बाद 8 जुलाई की रात वे पंडासराय स्थित अपने दोस्त पीयूष कुमार के घर रात्रि भोज में शामिल हुए और वहीं रुक गए।
9 जुलाई की संध्या जब सत्यम अपने दोस्त के घर से निकल रहे थे, तभी चंद्रभूषण अपने अन्य साथियों के साथ आया और उन्हें जबरन बाइक पर बैठा लिया। इसके बाद उन लोगों ने सत्यम से पांच हजार रुपये के बदले 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगने लगे। उन्होंने सत्यम का मोबाइल भी छीन लिया।
पुलिस की चुस्त कार्रवाई, पांचों आरोपी गिरफ्तार
अपहरण की सूचना तुरंत सत्यम के मित्र पीयूष कुमार और उनके घरवालों ने लहेरियासराय थाना को दी। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और बिना देर किए कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने चंद घंटों के भीतर ही अपहरण में शामिल पांचों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि ‘इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। अपहरण के आरोप में गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।’
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बेता थाना क्षेत्र के बेता निवासी चंद्रभूषण रंजन, बहेरी थाना क्षेत्र के नवडेगा निवासी कृष्ण मोहन कुमार, कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के कुशेश्वरस्थान निवासी राम यादव, बेता निवासी शुभम कुमार और बहेरी थाना क्षेत्र के लागोपुर निवासी रवि कुमार के रूप में हुई है। पुलिस की इस मुस्तैदी से जहां एक ओर पीड़ित को न्याय मिला है, वहीं दूसरी ओर अपराधियों को यह संदेश भी गया है कि जिले में अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।








