
Darbhanga Airport: जैसे बरसों की तपस्या के बाद कोई बड़ा वरदान मिलता है, ठीक वैसे ही उत्तर बिहार और नेपाल की सीमा पर बसे इस महत्वपूर्ण हवाई अड्डे की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी मुराद पूरी हो गई है। दरभंगा एयरपोर्ट की सुरक्षा का जिम्मा अब तक बिहार सैन्य पुलिस के हवाले था, लेकिन अब जल्द ही यहां केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान तैनात होंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसकी मैनपावर सर्वे को अपनी स्वीकृति दे दी है।
क्यों महत्वपूर्ण है Darbhanga Airport पर CISF की तैनाती?
दरभंगा एयरपोर्ट अपनी शुरुआत से ही उड़ान योजना के तहत देश के सबसे सफलतम हवाई अड्डों में से एक रहा है। यह हवाई अड्डा भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब स्थित है, जो इसे रणनीतिक और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील बनाता है। मौजूदा समय में चीन और नेपाल के बीच बढ़ते संबंधों को देखते हुए भी यहां एक मजबूत और पेशेवर सुरक्षा एजेंसी की तैनाती अत्यंत आवश्यक थी। स्थानीय सांसद और दरभंगा एयरपोर्ट सलाहकार समिति के चेयरमैन डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने इसी चिंता को लेकर 11 अगस्त 2023 को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और उन्हें एक आग्रह पत्र सौंपा था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसी पत्र के आलोक में गृह मंत्रालय ने यह ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिससे एयरपोर्ट की सुरक्षा अभेद्य हो जाएगी।
अब तक एयरपोर्ट की सुरक्षा बिहार सैन्य पुलिस देख रही थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मानकों और बढ़ते हुए हवाई यातायात को देखते हुए यहां केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की तैनाती की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इस मंजूरी के बाद अब सीआईएसएफ की तैनाती की आधिकारिक घोषणा जल्द ही की जाएगी।
सांसद ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का जताया आभार
इस बड़ी उपलब्धि पर सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, “यह एक ऐतिहासिक और सकारात्मक निर्णय है। दरभंगा एयरपोर्ट पर बढ़ती उड़ानों, यात्रियों की संख्या और नए टर्मिनल की जरूरतों को देखते हुए यह फैसला सुरक्षा की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगा।” उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार को दरभंगा एयरपोर्ट को अधिक सुरक्षित, सशक्त और आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध बताया। इस फैसले के बाद एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ के लिए एक स्थायी कैंप की स्थापना और अन्य जरूरी मानकों को पूरा करने की पहल भी शुरू कर दी जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह फैसला न केवल यात्रियों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करेगा, बल्कि एयरपोर्ट के समग्र विकास को भी एक नई दिशा देगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
एयरपोर्ट के विकास और आधुनिकीकरण की तैयारी
सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तार और आधुनिकीकरण का काम भी तेजी से चल रहा है। सांसद के अनुसार, एयरपोर्ट के लिए 89.75 एकड़ जमीन पर 912 करोड़ रुपये की लागत से एक नए टर्मिनल भवन का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा, नाइट लैंडिंग की सुविधा के लिए भारतीय वायुसेना विभाग से एमएएफआई-2 योजना के तहत अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और कैट-2 की औपचारिकताओं के लिए भी रक्षा मंत्रालय से आग्रह किया गया है।
यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट को नेशनल हाईवे से जोड़ने हेतु एक फुटब्रिज, एलिवेटेड सड़क और सर्विस रोड का निर्माण भी प्रस्तावित है। साथ ही, केंद्रीय बलों के अधिकारियों एवं कर्मियों के लिए प्रशासनिक भवन, आवास, पानी टंकी, बैंक और पोस्ट ऑफिस जैसी सुविधाओं के विकास के लिए भी केंद्र सरकार के स्तर पर ठोस पहल शुरू हो चुकी है, जिसके परिणाम जल्द ही धरातल पर दिखाई देंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सभी विकास कार्य दरभंगा को देश के प्रमुख हवाई अड्डों की सूची में स्थापित कर देंगे।


