Bihar Fire: बिहार के दरभंगा जिले में हनुमाननगर प्रखंड के गोढ़ियारी पंचायत अंतर्गत मुस्तफापुर गांव के वार्ड नंबर 15 में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से एक दुकान और उसके पीछे बना घर पूरी तरह जलकर राख हो गया। इस अगलगी की घटना में गरीब परिवारों की रोजी-रोटी का बड़ा सहारा माने जाने वाले दो ई-रिक्शा, चार बकरियां, एक फ्रिज और दुकान में रखा लाखों का सामान जलकर बर्बाद हो गया। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, इस अग्निकांड में 6 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
रात करीब एक बजे दिलीप पासवान के घर और दुकान में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। रास्ते से गुजर रहे राहगीरों ने जब आग देखी तो शोर मचाना शुरू कर दिया, जिसके बाद घर के लोग बाहर निकले। स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि घर का एक हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई, और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
गरीब परिवारों पर आपदा, रोजी-रोटी का संकट
इस दुखद घटना में ललित पासवान और रविंद्र पासवान का एक-एक ई-रिक्शा भी जलकर बर्बाद हो गया। इसके अलावा, दिलीप पासवान की दुकान में रखा फ्रिज और अन्य सामान भी आग की भेंट चढ़ गए। दुकान और घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने से पीड़ित परिवारों के सामने अब गंभीर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया, ‘अगलगी में गरीब परिवारों को भारी नुकसान हुआ है। पीड़ितों ने जीविका के माध्यम से करीब एक लाख रुपए का ऋण लेकर छोटी दुकान शुरू की थी। आग में दुकान और उसमें रखा सामान जल जाने से उनकी आजीविका का साधन समाप्त हो गया है।’
मुआवजे की आस में बैठे पीड़ित परिवार
पीड़ित दिलीप पासवान ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि रात में सभी लोग सो रहे थे और उन्हें आग लगने का कारण पता नहीं चला।
दिलीप पासवान ने कहा, ‘रास्ते से गुजर रहे लोगों ने दुकान में आग लगने की सूचना दी, जिसके बाद हम बाहर निकले। दुकान के पास दो ई-रिक्शा चार्ज हो रहे थे और हमारी चार बकरियां भी आग में जल गईं। दुकान, फ्रिज और घर का काफी सामान बर्बाद हो गया है। हम गरीब परिवार से हैं और दुकान से ही परिवार का भरण-पोषण करते थे। अगलगी में सबकुछ बर्बाद हो गया है।’
उन्होंने सरकार और प्रशासन से क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। फिलहाल, ये पीड़ित परिवार प्रशासनिक सहायता और मुआवजे का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि वे अपनी जिंदगी को फिर से पटरी पर ला सकें।







