
दरभंगा हत्याकांड: दरभंगा में हुए सामूहिक हत्याकांड के बाद, एक ही परिवार के चार सदस्यों के शव गांव लाए गए, जिससे पूरे इलाके में मातम पसर गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। बिहार के दरभंगा से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक पिता ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों की निर्मम हत्या कर दी। अब इस जघन्य वारदात के बाद परिवार के चार सदस्यों के शव पश्चिम बंगाल स्थित उनके पैतृक गांव पहुंचे हैं, जहां गम और गुस्से का माहौल है।
पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के करनदीघी थाना क्षेत्र के रसाखोवा महेशपुर गांव में बुधवार को तब मातम छा गया, जब बिहार के दरभंगा में हुए दिल दहलाने वाले पारिवारिक हत्याकांड के चार शव लाए गए। एक ही परिवार के चार सदस्यों के शव गांव पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई। परिजन और स्थानीय लोग फूट-फूट कर रोने लगे।
दरभंगा हत्याकांड: कैसे हुई जघन्य वारदात?
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, महेशपुर निवासी संजीत दास हाल ही में अपने परिवार के साथ बिहार के दरभंगा जिलांतर्गत एक पोल्ट्री फार्म में काम करने गए थे, जहां वे किराए के मकान में रह रहे थे। मंगलवार तड़के संजीत दास ने अचानक हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने अपनी पत्नी फूलकुमारी दास, दो बेटों और एक बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी। मृतका फूलकुमारी के पिता ने आरोप लगाया है कि संजीत ने लोहे की रॉड से पीट-पीटकर सभी की जान ली है। परिवार में लंबे समय से पारिवारिक कलह चल रहा था, जिसे इस जघन्य वारदात की मुख्य वजह माना जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
गांव में पसरा मातम और पुलिस की कार्रवाई
इस दर्दनाक घटना की सूचना मिलते ही बिहार पुलिस मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित संजीत दास को गिरफ्तार कर लिया। चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था, जिसके बाद बुधवार को उन्हें उनके पैतृक गांव लाया गया। इस घटना से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। एक पिता द्वारा अपने ही परिवार को खत्म कर देने की इस घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। ग्रामीण आरोपित के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इस मामले पर प्रशासन की ओर से की जा रही कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







