
Darbhanga Murder Case: बिहार के दरभंगा में पांच साल पहले हुए एक जघन्य हत्याकांड में आखिरकार न्याय की उम्मीद जगी है। 17 साल के मोहम्मद दानिश की बेरहमी से हत्या करने वाले मुख्य आरोपी सोनू कुमार साह को कोर्ट ने दोषी करार दिया है।
दरभंगा हत्याकांड: आखिर हुआ क्या था?
यह घटना 7 मई 2019 की रात 8 बजकर 15 मिनट पर लहेरियासराय थानाक्षेत्र के अल्लपट्टी में हुई थी। अल्लपट्टी निवासी मोहम्मद वशीर अहमद उर्फ हीरा के 17 वर्षीय पुत्र मोहम्मद दानिश को कुछ अभियुक्तों ने तेजधार वाले हथियार (डायगर) से गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। इलाज के दौरान एक निजी अस्पताल में दानिश की मौत हो गई थी। मृतक के पिता मोहम्मद वशीर उर्फ हीरा ने लहेरियासराय थाने में कांड संख्या 175/19 दर्ज कराया था। इसमें सोनू कुमार साह के साथ-साथ ललन कुमार साह, दीपक साह, जयप्रकाश साह, सौरभ कुमार और श्याम कुमार को नामजद अभियुक्त बनाया गया था।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस मामले में पुलिस ने जांच के बाद आरोप पत्र दाखिल किया, जिसके बाद 22 नवंबर 2021 को अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय किए गए।
कोर्ट में कैसे चला मुकदमा और कौन-कौन हुए बरी?
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आदिदेव की अदालत में सत्र वाद संख्या 391/19 के तहत इस मामले का विचारण चला। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 9 गवाहों की गवाही कराई गई। बुधवार को अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए सोनू कुमार साह को भारतीय दंड संहिता (भादवि) की धारा 302 (हत्या) के तहत हत्या का दोषी करार दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। हालांकि, साक्ष्य के अभाव में नामजद किए गए शेष पांच आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया। यह Darbhanga Murder Case पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया था।
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सजा का ऐलान 8 मई को
हत्या का दोषी ठहराए जाने के बाद अब अदालत ने सजा की अवधि के निर्धारण के लिए 8 मई की तारीख तय की है। जानकारी के मुताबिक, दोषी सोनू कुमार साह घटना की तारीख से ही जेल में बंद है।







