
KSDSU Seminar: दरभंगा स्थित कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय एक बार फिर चर्चा में है! हाल ही में, विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर व्याकरण विभाग में प्रथम और द्वितीय सत्र के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण विभागीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य छात्रों के आंतरिक मूल्यांकन और उनके शैक्षणिक विकास को गति देना था।
जनसंपर्क पदाधिकारी (PRO) डॉ. निशिकांत सिंह ने इस आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि यह KSDSU Seminar आंतरिक मूल्यांकन प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग था। इसमें प्रथम और द्वितीय सत्र के छात्र-छात्राओं ने ‘वाक्यपदीयम्’ एवं ‘भूषणसार’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने गहन विचार प्रस्तुत किए। आंतरिक मूल्यांकन के कुल 30 अंकों में से प्रत्येक पत्र में 5 अंक सेमिनार के लिए निर्धारित हैं, जो छात्रों के विषय ज्ञान और अभिव्यक्ति कौशल को परखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह सेमिनार छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था।
KSDSU Seminar से छात्रों को मिलता है नया मंच
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. सीताचरण झा, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. दयानाथ झा, डॉ. साधना शर्मा, डॉ. एल. सविता आर्या तथा डॉ. यदुवीर स्वरूप शास्त्री जैसे विद्वानों ने विद्यार्थियों को संबोधित कर उनका उत्साहवर्धन किया। विभागाध्यक्ष डॉ. सीताचरण झा ने स्पष्ट किया कि आंतरिक मूल्यांकन विद्यार्थियों को विषय के सभी पक्षों से परिचित कराने का एक सशक्त माध्यम है। पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. दयानाथ झा ने भी सेमिनार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति कौशल का विकास होता है, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बन पाते हैं।
सह संयोजिका डॉ. साधना शर्मा ने जोर देकर कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में नियमित भागीदारी से छात्रों को मंच पर अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अनुभव मिलता है। विभागीय परीक्षा प्रभारी और संयोजिका डॉ. एल. सविता आर्या ने सेमिनार को छात्रों के व्यक्तित्व विकास और विषय की गहरी समझ के लिए आवश्यक बताया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। डॉ. यदुवीर स्वरूप शास्त्री ने छात्रों को निरंतर अभ्यास और सहभागिता के माध्यम से शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
छात्रों की सक्रिय भागीदारी
इस सेमिनार में राजनिश, प्रीति, शिवजी, रंजन, समीर, प्रियंका, पुष्पा, संदीप, हनुमान झा, अंशु कुमार, किरण, मिथिलेश गिरि, अंशु, अंकित सहित अनेक छात्र-छात्राओं ने अपनी पत्र प्रस्तुतियों से सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। इस दौरान व्याकरण विभाग के कर्मी अरुण शर्मा भी उपस्थित रहे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







