Darbhanga Illegal Collection News: दरभंगा जिले के बिरौल अनुमंडल में बस पड़ाव के नाम पर टेम्पो चालकों से हो रही अवैध वसूली का बड़ा खुलासा हुआ है। जिला प्रशासन ने इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) शशांक राज और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) प्रभाकर तिवारी की अगुवाई में हुई इस छापेमारी से गरीब चालकों ने राहत की सांस ली है।
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वायरल वीडियो ने खोली अवैध वसूली की पोल
जिला प्रशासन की यह बड़ी कार्रवाई एक स्थानीय टेम्पो चालक द्वारा बनाए गए वीडियो के वायरल होने के बाद सामने आई। इस वीडियो में पीड़ित चालकों ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा था कि कैसे बस पड़ाव के नाम पर उनसे हर दिन अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं। चालकों का आरोप था कि यदि वे इसका विरोध करते थे, तो उन्हें दबंगों द्वारा जान से मारने की धमकियाँ मिलती थीं और पैसे न देने पर सरेआम मारपीट और दुर्व्यवहार किया जाता था।
कई महीनों से यह अवैध वसूली का सिंडिकेट चल रहा था। जैसे ही यह वीडियो जिला प्रशासन के संज्ञान में आया, वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत एक्शन लेने का निर्देश दिया। SDO शशांक राज और SDPO प्रभाकर तिवारी के नेतृत्व में एक टीम ने बिना समय गंवाए इस मामले की जांच शुरू की और त्वरित कार्रवाई को अंजाम दिया। यह Biroul Police Action जिले में काफी चर्चा का विषय बन गया है।
कार्रवाई की तिथि सोमवार, 08 जून 2026 निर्धारित की गई थी, जिसके तहत सुपौल के कोठीपुल और डुमरी मोड़ पर विशेष अभियान चलाया गया। इन दोनों स्थानों पर अवैध उगाही की शिकायतें सबसे अधिक थीं। प्रशासनिक टीम ने अत्यंत सतर्कता बरतते हुए जाल बिछाया और अपराधियों को पकड़ने की रणनीति बनाई।
अधिकारियों की चेतावनी: गरीबों का शोषण नहीं होगा बर्दाश्त
संयुक्त जांच अभियान के दौरान, प्रशासनिक टीम ने कोठीपुल पर पहले एक व्यक्ति को टेम्पो चालकों से अवैध रूप से पैसे वसूलते हुए रंगे हाथ पकड़ा। इसके बाद टीम ने तुरंत डुमरी मोड़ पर दबिश दी, जहाँ से दो अन्य व्यक्तियों को भी हिरासत में ले लिया गया। ये लोग भी चालकों को डरा-धमकाकर वसूली कर रहे थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों को तत्काल बिरौल थाना पहुँचाया, जहाँ उनसे गहन पूछताछ जारी है।
इस अवैध वसूली रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून तोड़ने वालों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। SDO शशांक राज ने इस संबंध में बताया कि किसी भी वैध सरकारी आदेश, निविदा या ठेके के बिना किसी भी मार्ग पर टेम्पो चालकों से जबरन पैसे वसूलना पूरी तरह से गैरकानूनी और दंडनीय अपराध है। उन्होंने यह भी कहा कि कोठीपुल और डुमरी मोड़ पर लंबे समय से कुछ असामाजिक तत्व इस अवैध कार्य में लिप्त थे, जिन्हें अब जेल भेजा जा रहा है।
SDPO प्रभाकर तिवारी ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि इस अवैध वसूली नेटवर्क के पीछे शामिल अन्य मास्टरमाइंड्स और अपराधियों की भी पहचान की जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी को भी मेहनतकश और गरीब चालकों का आर्थिक या मानसिक शोषण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बिरौल के थाना प्रभारी चंद्रमणि ने पुष्टि की कि पकड़े गए तीनों आरोपियों से पुलिस पदाधिकारी आदित्य शंकर की मौजूदगी में कड़ी पूछताछ की जा रही है और मामले की सभी कड़ियों को जोड़कर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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पीड़ित चालकों को मिली राहत, सधे हुए कदम से कार्रवाई
इस सफल प्रशासनिक कार्रवाई के बाद स्थानीय टेम्पो चालकों और अवैध वसूली से परेशान आम नागरिकों ने बड़ी राहत महसूस की है। चालकों ने बताया कि उनसे प्रतिदिन 30 से 50 रुपये तक की अवैध वसूली जबरन की जाती थी। यदि कोई गरीब चालक पैसे देने में असमर्थता जताता था, तो उसे बस स्टैंड पर गाड़ी खड़ी करने से रोक दिया जाता था और उसके साथ सरेआम गाली-गलौज और दुर्व्यवहार किया जाता था।
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने भी SDO और SDPO की इस त्वरित पहल की सराहना की है। उन्होंने मांग की है कि ऐसे रंगदार तत्वों पर इतनी कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी गरीबों और असहायों से अवैध उगाही करने की हिम्मत न कर सके। यह पूरी कार्रवाई दरभंगा के बिरौल से देशज टाइम्स द्वारा रिपोर्ट की गई है, जिसने जिला प्रशासन के मजबूत इरादों को उजागर किया है।
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