
दरभंगा लूट: प्रेम ज्वेलर्स में 2 करोड़ की चोरी, 6 गिरफ्तार, लेकिन करोड़ों के जेवर कहां? बेगूसराय पुलिस ने दरभंगा के प्रेम ज्वेलर्स में हुई 2 करोड़ रुपये की ज्वेलरी लूट का खुलासा करने का दावा किया है, जिसके बाद पुलिसिया कार्रवाई पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। जहां एक ओर छह आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, वहीं बरामदगी को लेकर संशय बरकरार है।
‘खुलासा’ बनाम बरामदगी: दरभंगा लूट पर क्यों उठ रहे सवाल?
दरभंगा नगर थाना क्षेत्र के बाजार स्थित प्रेम ज्वेलर्स में हुई लगभग 2 करोड़ रुपये की ज्वेलरी लूट के खुलासे का दावा बेगूसराय पुलिस ने किया है। पुलिस ने इस मामले में छह अभियुक्तों को गिरफ्तार करने की बात कही है, लेकिन बरामदगी को लेकर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बरामदगी के नाम पर केवल कुछ चांदी के आभूषण, एक पिस्टल, कारतूस और मोबाइल फोन दिखाए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि इन बरामद चांदी के गहनों की न तो संख्या बताई गई है और न ही उनका वजन। जबकि 3 अप्रैल को दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, अपराधियों ने पिस्तौल के बल पर करीब 700 ग्राम सोना और 20 से 25 किलो चांदी लूटी थी और चार बैग में भरकर फरार हो गए थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। घटना के बाद दरभंगा पुलिस ने स्वर्ण व्यवसायियों को जल्द खुलासे का आश्वासन दिया था, जिसके बाद उनका विरोध प्रदर्शन फिलहाल टाल दिया गया था। हालांकि, व्यवसायियों ने जौहरी बाजार में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं और पुलिस ने एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त बल की तैनाती की है।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी पर सवाल
बेगूसराय पुलिस ने बताया कि इस मामले में छह आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामदगी के नाम पर केवल कुछ चांदी के आभूषण, एक पिस्टल, कारतूस और मोबाइल फोन मिले हैं। हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने बरामद चांदी के गहनों की न तो संख्या बताई है और न ही उनका वजन। जबकि प्राथमिकी के मुताबिक, लूटे गए गहनों का वजन और कीमत कहीं अधिक थी। इस मामूली बरामदगी ने पुलिस के लूट का खुलासा करने के दावे पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वर्ण व्यवसायियों ने भी जौहरी बाजार में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पुलिस ने एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया है।
कैसे हुआ खुलासा और कौन हैं लूट के आरोपी?
एसएसपी जगुनाथ रेड्डी के निर्देश पर सदर डीएसपी राजीव कुमार के नेतृत्व में इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। जांच के दौरान, ज्वेलर्स के एक कर्मचारी के दोस्त की संलिप्तता सामने आई, जिसके आधार पर पुलिस बेगूसराय पहुंची। बेगूसराय पुलिस ने एसटीएफ के साथ मिलकर कार्रवाई की। इस दौरान मंसूरचक में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ भी हुई, जिसमें मंगल सिंह नामक एक अपराधी को पैर में गोली लगी। उसे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह व्हीलचेयर के सहारे चलता देखा गया। मंगल सिंह बेगूसराय के बलिया थाना क्षेत्र का निवासी है और पूर्व में भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है।
Darbhanga Jewellery Loot: क्या है पूरा मामला?
दरभंगा के नगर थाना क्षेत्र स्थित प्रेम ज्वेलर्स में 3 अप्रैल को करीब 2 करोड़ रुपये की ज्वेलरी लूट की घटना हुई थी। Darbhanga Jewellery Loot के बाद अपराधियों ने पिस्टल के बल पर करीब 700 ग्राम सोना और 20 से 25 किलो चांदी लूट ली थी, जिसे वे चार बैग में भरकर फरार हो गए थे। इस घटना के बाद दरभंगा के स्वर्ण व्यवसायियों में भारी आक्रोश था और उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। हालांकि, दरभंगा पुलिस ने जल्द खुलासे का आश्वासन देकर विरोध प्रदर्शन को टाल दिया था।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। अब बेगूसराय पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा कर इस लूट का खुलासा करने की बात कही है।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी पर सवाल
बेगूसराय पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि इस मामले में छह आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामदगी के नाम पर केवल कुछ चांदी के आभूषण, एक पिस्टल, कारतूस और मोबाइल फोन मिले हैं। हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने बरामद चांदी के गहनों की न तो संख्या बताई है और न ही उनका वजन। जबकि प्राथमिकी के मुताबिक, लूटे गए गहनों का वजन और कीमत कहीं अधिक थी। इस मामूली बरामदगी ने पुलिस के लूट का खुलासा करने के दावे पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वर्ण व्यवसायियों ने भी जौहरी बाजार में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पुलिस ने एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया है।
एसआईटी का गठन और आरोपियों की पहचान
एसएसपी जगुनाथ रेड्डी के निर्देश पर सदर डीएसपी राजीव कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। जांच के दौरान, ज्वेलर्स के एक कर्मचारी के दोस्त की संलिप्तता का पता चला, जिसके आधार पर पुलिस बेगूसराय पहुंची। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। बेगूसराय में एसटीएफ के साथ मिलकर पुलिस ने कार्रवाई की, जिसमें मंसूरचक में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में मंगल सिंह नाम के एक आरोपी के पैर में गोली लगी। उसे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह व्हीलचेयर के सहारे चलता देखा गया। मंगल सिंह बेगूसराय के बलिया थाना क्षेत्र का निवासी है और उसके खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सभी छह आरोपियों ने लूट की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। गिरफ्तार आरोपियों में अविनाश कुमार, गौतम कुमार, विक्की कुमार, आर्यन कुमार और पवन झा शामिल हैं। इनमें से चार आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं बताया गया है, जो इस मामले को और भी उलझा देता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सभी छह लूट के आरोपी ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। गिरफ्तार लूट के आरोपी में अविनाश कुमार, गौतम कुमार, विक्की कुमार, आर्यन कुमार और पवन झा शामिल हैं। इनमें से चार का कोई आपराधिक इतिहास नहीं बताया गया है।
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