Darbhanga Medical News: दरभंगा में आगामी BOACON 2027 सम्मेलन की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। इसी कड़ी में बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन (BOA) के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी भव्य आयोजन की रूपरेखा तय करना और उसकी प्रगति का मूल्यांकन करना था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सम्मेलन चिकित्सा जगत में एक मील का पत्थर साबित हो।
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BOACON 2027 की तैयारियों पर गहन मंथन
बैठक का शुभारंभ BOACON 2027 के आयोजन अध्यक्ष डॉ. एस. के. सिन्हा के स्वागत भाषण से हुआ, जिन्होंने सभी उपस्थित सदस्यों का अभिनंदन किया और सम्मेलन के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद, चिकित्सा क्षेत्र के दो प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने अपने ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किए। डॉ. एस. एन. सराफ ने “थ्रोम्बोएम्बोलिज्म” जैसे गंभीर विषय पर विस्तृत जानकारी दी, वहीं डॉ. अमित कुमार ने “हैंड सर्जरी” की जटिलताओं और नवीनतम तकनीकों पर प्रकाश डाला। इन व्याख्यानों ने उपस्थित चिकित्सकों और स्नातकोत्तर छात्रों के ज्ञान में वृद्धि की।
बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अमूल्य सिंह ने “डॉक्टर और उसके सपने एवं परेशानियाँ” विषय पर एक प्रेरणादायक और विचारोत्तेजक भाषण दिया। उन्होंने डॉक्टरों के जीवन की चुनौतियों और उनके समर्पण पर बात की, जिसने सभी को भावुक कर दिया। इसी बीच, BOA के अध्यक्ष-निर्वाचित डॉ. राजीव आनंद ने BOACON 2027 की तैयारियों में हुई प्रगति से सभी को अवगत कराया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि आयोजन समिति पूरी लगन से काम कर रही है।
BOA और MOA के बीच सहयोग की नई पहल
इस महत्वपूर्ण बैठक में बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के महासचिव डॉ. रितेश रुणु ने BOA और MOA (मैग्नेट ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन) के बीच प्रस्तावित एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर करने के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों संगठनों के बीच सहयोग के नए द्वार खोलेगा और चिकित्सा शिक्षा तथा अनुसंधान को बढ़ावा देगा। सेंट्रल जोन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. भुवन सिंह ने पूर्व में आयोजित BOACON सम्मेलनों से मिली सीख को साझा किया और आगामी आयोजन को और बेहतर बनाने के लिए बहुमूल्य सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि हमें पिछली सफलताओं और कमियों से सीखते हुए आगे बढ़ना चाहिए।
BOACON 2027 के आयोजन सचिव डॉ. प्रवीण कुमार ने अब तक की तैयारियों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया, जिसमें लॉजिस्टिक्स, वैज्ञानिक कार्यक्रम और अतिथि प्रबंधन जैसे सभी पहलुओं को शामिल किया गया था। उन्होंने सभी सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापन भी किया। MOA के सचिव डॉ. रमाशीष यादव ने BOACON 2027 के सफल आयोजन के लिए अपनी संस्था की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया, जिससे आयोजन समिति का मनोबल बढ़ा। यह सहयोग बिहार में ऑर्थोपेडिक चिकित्सा के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।
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सम्मेलन में तीन विशेष कार्यशालाएँ होंगी आयोजित
वैज्ञानिक समिति के अध्यक्ष डॉ. जी. एस. झा ने बैठक में एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आगामी सम्मेलन के दौरान तीन विशेष कार्यशालाओं (वर्कशॉप) का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यशालाओं का उद्देश्य नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों और तकनीकों से चिकित्सकों को अवगत कराना है। डॉ. झा ने यह भी जानकारी दी कि इन कार्यशालाओं की तैयारियाँ तेजी से शुरू कर दी गई हैं, ताकि प्रतिभागियों को उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण मिल सके।
बैठक में कई प्रमुख चिकित्सक और विशेषज्ञ उपस्थित थे, जिनमें डॉ. आलोकानंद, डॉ. ऋतुराज, डॉ. दिलशाद, डॉ. प्रत्यूष पराग, डॉ. अभिषेक सराफ, डॉ. रामसागर पंडित, डॉ. अभिनव, और डॉ. सरवन जैसे नाम शामिल थे। इसके अतिरिक्त, डीएमसीएच (दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल) ऑर्थोपेडिक्स विभाग के स्नातकोत्तर छात्र (PGs) भी बड़ी संख्या में मौजूद थे, जो भविष्य के चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. जी. एस. झा ने किया, जिन्होंने पूरी बैठक को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया। यह बैठक BOACON 2027 को सफल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है, जिससे दरभंगा और पूरे बिहार में चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को नई गति मिलेगी।
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