Bihar Cabinet: बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्य के निवासियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। कैबिनेट ने ‘सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना- 2026’ को अपनी मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत बिहार के स्थानीय निवासियों को लद्दाख की यात्रा करने और सिंधु नदी के दर्शन करने के लिए अधिकतम 20,000 रुपये तक का अनुदान मिलेगा।
राज्य सरकार यह अनुदान यात्रा पूरी होने के बाद देगी। यात्रा खर्च का 50 प्रतिशत या प्रति तीर्थ यात्री 20,000 रुपये, इनमें से जो भी कम होगा, वह राशि सरकार द्वारा दी जाएगी। बिहार पर्यटन विभाग ने इस योजना का प्रस्ताव तैयार कर मंत्रिमंडल के पास भेजा था, जिसे बुधवार को स्वीकृति मिल गई।




लद्दाख यात्रा के लिए कौन होगा पात्र?
सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना के तहत कुछ शर्तें और पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं। इस योजना का लाभ केवल बिहार के स्थानीय निवासी ही उठा सकेंगे। अनुदान के लिए पात्र तीर्थ यात्रियों की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए, यानी बच्चों और किशोरों को यह अनुदान नहीं मिलेगा। इसके अतिरिक्त, एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 100 तीर्थ यात्रियों को ही इस अनुदान का लाभ दिया जाएगा। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी बिहार पर्यटन विभाग द्वारा जल्द ही जारी की जाएगी।
बिहार सरकार का कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिहार के लोगों को लद्दाख स्थित सिंधु नदी के दर्शन कराना और देश की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करना है। यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा जो लद्दाख यात्रा के भारी खर्च के कारण सिंधु नदी के दर्शन से वंचित रह जाते थे।
हेली टूरिज्म और एयर टूरिज्म को भी मिली मंजूरी
सम्राट कैबिनेट ने बुधवार को राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए हैं। इनमें हेली टूरिज्म और एयर टूरिज्म योजनाओं को मंजूरी देना शामिल है। इन योजनाओं के तहत बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे राजगीर, कैमूर और वाल्मीकिनगर के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू की जाएंगी। पर्यटक इन सेवाओं का आनंद ले सकेंगे।
| रूट | प्रति यात्री किराया |
|---|---|
| पटना से वाल्मीकिनगर | 5000 रुपये |
| पटना से कैमूर | 6000 रुपये |
| पटना से राजगीर | 4000 रुपये |
इसके अतिरिक्त, पटना में पर्यटकों के लिए 10 मिनट की ‘जॉय राइड’ भी शुरू की जाएगी, जिसका किराया 2100 रुपये प्रति व्यक्ति होगा। इन पहलों से राज्य में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
इन फैसलों से बिहार सरकार राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और नागरिकों को धार्मिक व सांस्कृतिक यात्राओं के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में इन योजनाओं के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने के साथ ही इनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी, जिससे बिहार के लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।







