Darbhanga Sahyog Shivir News: दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड में बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन किया गया। इन शिविरों में आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे और उन्हें तुरंत राहत मिली। यह पहल लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने और सरकारी सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान बनाने के उद्देश्य से की गई है, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
जनसमस्याओं के समाधान में विधायक की सक्रियता
केवटी प्रखंड की पिण्डारूच और करजापट्टी पंचायतों में मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए गए। पिण्डारूच पंचायत के सरकार भवन में आयोजित शिविर का स्थानीय विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने दौरा किया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए काउंटरों का बारीकी से निरीक्षण किया और कार्यों की समीक्षा की। विधायक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे आमजन की समस्याओं का शीघ्रता से और संवेदनशीलता के साथ निपटारा करें, ताकि किसी को भी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस अवसर पर पिण्डारूच पंचायत के मुखिया गोपाल कुमार झा ने मिथिला की पारंपरिक पाग और चादर भेंट कर विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा का सम्मान किया। विधायक ने शिविर में कई लाभार्थियों को जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्रों के साथ-साथ राशन कार्ड भी वितरित किए, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में आसानी होगी। इसके अतिरिक्त, स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने के लिए पंचायत को एक ई-रिक्शा भी उपलब्ध कराया गया, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
डॉ. झा ने उपस्थित ग्रामीणों को बिहार सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं ताकि उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें। वरीय प्रभारी पदाधिकारी सह डीसीएलआर सदर दरभंगा, संजीत कुमार ने भी सहयोग शिविर की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस तरह के शिविर एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराकर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करते हैं, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है।
पेयजल संकट पर प्रधान सचिव का बड़ा फैसला
करजापट्टी पंचायत के मध्य विद्यालय लाधा में भी एक महत्वपूर्ण सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का निरीक्षण दरभंगा जिला प्रभारी सचिव एवं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के प्रधान सचिव राजेश कुमार ने किया। उन्होंने विभिन्न विभागों के काउंटरों पर जाकर प्राप्त आवेदनों और शिकायतों की समीक्षा की और उनके तत्काल निपटान के आदेश दिए, जिससे लोगों में विश्वास बढ़ा।
प्रधान सचिव ने विशेष रूप से पेयजल से संबंधित समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने विभागीय अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे सभी जल-नल योजनाओं की गहन जांच करें और यदि कोई योजना खराब है या उसमें कोई तकनीकी खामी है, तो उसे तुरंत ठीक करें। इसके साथ ही, खराब पड़े चापाकलों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया गया, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की कमी का सामना न करना पड़े। यह कदम क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक एक बड़ा फैसला है।
इसी बीच, विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा भी करजापट्टी शिविर स्थल पर पहुंचे। यहां करजापट्टी पंचायत के मुखिया अभय कुमार ने उनका पाग और चादर भेंट कर स्वागत किया। विधायक ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम लोगों को किसी भी सूरत में असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सेवा ही प्रशासन का मुख्य ध्येय होना चाहिए।
इन सहयोग शिविरों में प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी कुणाल कुमार, सरपंच कन्हैया कुमार चौधरी, अंचल अधिकारी भास्कर कुमार मंडल, राजस्व अधिकारी आलोक कुमार, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी नंदन कुमार सिंह सहित कई अन्य पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इन शिविरों से ग्रामीणों को अपनी समस्याओं का समाधान एक ही छत के नीचे मिलने से बड़ी राहत मिली है। बिहार सरकार की इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने में सहायता मिल रही है, जिससे सुशासन की अवधारणा मजबूत हो रही है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







