
डिजिटल प्रशिक्षण केंद्र: दरभंगा के ग्रामीण युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर सामने आ रहा है। केंद्र सरकार की पहल से अब जिले में एक हाई-टेक डिजिटल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य उन्हें डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। यह युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए रास्ते खोलेगा।
दरभंगा में ग्रामीण युवाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए एक उच्च तकनीकी डिजिटल प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की पहल की जा रही है। केंद्रीय ग्रामीण विकास सह कृषि कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इस संबंध में जल्द ही पहल शुरू करने का आश्वासन दिया है। स्थानीय सांसद और लोकसभा में भाजपा सचेतक डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने इस विषय पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने 17 दिसंबर 2025 को केंद्र सरकार को पत्र लिखकर दरभंगा संसदीय क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं के कौशल विकास व स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए उद्यमिता आधारित डिजिटल एवं तकनीकी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का आग्रह किया था। इसके जवाब में, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 20 अप्रैल 2026 को अपने पत्रांक 22014 के माध्यम से सूचित किया है कि इस संबंध में आवश्यक पहल शुरू की जा रही है और दरभंगा जिले में इस विषय से संबंधित चल रहे कार्यक्रमों को और गति दी जाएगी।
सांसद गोपाल जी ठाकुर की पहल और केंद्रीय मंत्री का आश्वासन
सांसद डॉ. ठाकुर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पहले भी स्वरोजगार से जुड़े कई प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए गए हैं। अगरबत्ती निर्माण, मोमबत्ती बनाना, पशुपालन, ब्यूटीपार्लर प्रबंधन, कंप्यूटरीकृत लेखांकन, डेयरी फार्मिंग, वर्मी कंपोस्ट और मशरूम उत्पादन जैसे छोटे स्तर के उद्यमों में दस हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार उपलब्ध कराया गया है। हजारों युवाओं और स्वयं सहायता समूहों को अभी भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसके बाद उन्हें केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से स्वरोज़गार के अवसर मिलेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
डिजिटल प्रशिक्षण केंद्र: क्या-क्या मिलेंगे फायदे?
सांसद डॉ. ठाकुर ने कहा कि उद्यमिता आधारित विशेष मॉडल स्वयं सहायता समूहों को तकनीकी और डिजिटल प्रशिक्षण के लिए उच्च तकनीक का प्रशिक्षण केंद्र स्थापित कर मांग के अनुरूप विशेष स्तर पर प्रशिक्षित किया जाएगा। स्वयं सहायता समूहों की आय में वृद्धि और समूह आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित किया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में डिजिटल प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी गई है।
स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा प्रयास और भविष्य की योजनाएँ
इन प्रशिक्षणों से न केवल व्यक्तिगत विकास होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोज़गार को नई दिशा मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। डॉ. ठाकुर ने यह भी बताया कि जल्द ही जिला स्तर पर एक बैठक के माध्यम से ऐसे चल रहे कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी और प्रशिक्षण कार्यों के विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा होगी। ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







