
DMCH Child Death: बिहार के दरभंगा स्थित डीएमसीएच अस्पताल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। यहां 5 साल के एक मासूम बच्चे की मौत के बाद उसके परिजन शव छोड़कर फरार हो गए, और तो और अस्पताल में दिया गया पता भी फर्जी निकला। यह मामला अब कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
दरभंगा के ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से संबद्ध दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) में इलाज के दौरान एक पांच वर्षीय बालक की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद से ही उसके परिजन अस्पताल से लापता हैं। इस घटना ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बच्चे की मौत सोमवार सुबह लगभग 9:45 बजे हुई थी, जिसके बाद से ही परिजनों का कोई अता-पता नहीं है।
परिजनों के न मिलने के कारण शव को दो दिनों तक पोस्टमॉर्टम के लिए नहीं भेजा जा सका। पुलिस ने काफी प्रयास किए, लेकिन जब परिजनों का पता नहीं चला, तब जाकर मंगलवार शाम बेंता थाना पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया। फिलहाल शव को अस्पताल के शीतगृह (कोल्ड रूम) में सुरक्षित रखा गया है और उसकी पहचान के लिए इंतजार किया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
अस्पताल में फर्जी जानकारी देकर फरार हुए परिजन
बच्चे को डीएमसीएच के शिशु रोग विभाग में डॉ. मणि शंकर की यूनिट में भर्ती किया गया था। अस्पताल में दाखिल कराते समय बच्चे का नाम ‘रिशव कुमार’ (5 वर्ष), पिता का नाम ‘अर्जुन भारती’ और पता ‘उसराही, जयनगर’ दर्ज कराया गया था। हालांकि, पुलिस जांच में सामने आया कि दिए गए पते पर इस नाम का कोई व्यक्ति रहता ही नहीं है, जिससे यह पूरा मामला और भी उलझ गया है। यह साफ तौर पर फर्जी पता देने का मामला है।
DMCH Child Death: जांच के दायरे में फर्जी जानकारी और मारपीट की आशंका
इस बीच, एक और बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बच्चे के इलाज से संबंधित प्रिस्क्रिप्शन में डॉक्टर द्वारा ‘हिस्ट्री ऑफ फिजिकल असॉल्ट’ यानी बच्चे के साथ मारपीट की आशंका जताई गई है। ऐसे में DMCH Child Death के साथ-साथ परिजनों का फरार होना और फर्जी पता देना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके। सूत्रों के अनुसार, डीएमसीएच लाने से पहले बच्चे का इलाज खजौली पीएचसी में भी हुआ था। बेंता थाना प्रभारी विनय मिश्रा ने बताया कि अभी तक परिवार का पता नहीं चल पाया है और शव को शीतगृह में रखा गया है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और उम्मीद है कि बच्चे को अस्पताल पहुंचाने वाले शख्स की पहचान के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठ पाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें





