
Degree College: सनहपुर के छात्रों का उच्च शिक्षा का इंतज़ार अब खत्म होने वाला है! डीएम कौशल कुमार ने मंगलवार को प्रस्तावित डिग्री कॉलेज के लिए ज़मीन का निरीक्षण किया। इस पहल से क्षेत्र में उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है।
डीएम कौशल कुमार मंगलवार को सिंहवाड़ा के अतरवेल जाले पथ किनारे सनहपुर श्याम चौक के पास पहुंचे। उन्होंने यहां प्रस्तावित डिग्री कॉलेज की ज़मीन का बारीकी से मुआयना किया। इस डीएम का निरीक्षण में पता चला कि प्रस्तावित ज़मीन का कुछ हिस्सा रैयती है, जिसके बाद एडीएम मनोज कुमार ने आरओ मनोज कुमार को निर्देश दिया कि वे ज़मीन मालिकों से तुरंत बात करें ताकि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेज़ी लाई जा सके।
सनहपुर डिग्री कॉलेज: डीएम का निरीक्षण और स्कूल की मौजूदा स्थिति
ज़मीन के निरीक्षण के बाद डीएम कौशल कुमार सनहपुर स्थित प्लस टू उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय पहुंचे। हालांकि, तब तक स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी और बच्चे अपने घर लौट गए थे। स्कूल परिसर में जनगणना कार्य में लगे सुपरवाइजर बैठे थे। डीएम के आगमन की सूचना पर एचएम अभिषेक कुमार छुट्टी के बाद भी वापस स्कूल पहुंचे। डीएम ने परिसर में कई जगहों पर जलजमाव देखा, जिस पर उन्होंने भवन निर्माण के कार्यपालक अभियंता को तुरंत मिट्टी भराई का निर्देश दिया। इसके साथ ही, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उन्होंने डिग्री कॉलेज के तत्काल संचालन के लिए दो कमरों के निर्माण पर भी चर्चा की, ताकि 2026-27 सत्र से बीए के छात्रों का दाखिला और कक्षाएं इसी विद्यालय परिसर में शुरू हो सकें।
भविष्य की योजनाएं और उम्मीदें
डीएम ने विद्यालय की चारदीवारी और अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। शिक्षक राहुल कुमार, अभिषेक कुमार, रितेश रंजन और बिट्टू कुमार ने जनगणना कार्य की प्रगति से डीएम को अवगत कराया। यह बताया गया कि स्थायी डिग्री कॉलेज भवन का निर्माण प्रस्तावित ज़मीन पर धीरे-धीरे किया जाएगा, लेकिन शुरुआत में कक्षाएं मौजूदा स्कूल परिसर से ही संचालित होंगी। ग्रामीणों ने इस पहल पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि सनहपुर में अब एक ही परिसर में कक्षा एक से लेकर Degree College तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
लगभग पौने घंटे तक सनहपुर विद्यालय में व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के बाद डीएम वापस लौट गए। इस डीएम का निरीक्षण से क्षेत्र में उच्च शिक्षा की नई उम्मीद जगी है और जल्द ही छात्रों को अपने घर के करीब बेहतर शिक्षण सुविधा मिल पाएगी।







