
मुख्य बातें
दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के 11वें निदेशक बने विश्वविद्यालय के मैथिली विभाग के शिक्षक
डॉ.अशोक कुमार मेहता, किया पदभार ग्रहण
पूर्व में भी विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक रह चुके हैं डॉ. मेहता
वर्तमान में निर्वाचित अभिसद सदस्य भी हैं डॉ. मेहता
दरभंगा, देशज टाइम्स ब्यूरो। स्नातकोत्तर मैथिली विभाग के प्राचार्य, पूर्व परीक्षा नियंत्रक व विश्वविद्यालय के अभिषद सदस्य डॉ.अशोक कुमार मेहता ने बुधवार को दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के बतौर निदेशक का प्रभार ग्रहण कर लिया। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व निदेशक डॉ. सरदार अरविंद सिंह से प्रभार लेते डॉ. मेहता ने कहा, किसी भी संस्थान का विकास तभी संभव है जब संस्थान के कर्मचारी एक जुट होकर ईमानदारी व निष्ठा पूर्वक संस्था के हित में कार्य करें।




उन्होंने कहा, विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रति-कुलपति व कुलसचिव की ओर से मुझे इस कार्य का प्रभार दिया गया है। मेरी कोशिश रहेगी, मैं अपने कार्यकाल के दौरान संस्थान व संस्थान के कर्मियों के प्रति सकारात्मक व शैक्षणिक सोच से उन्हें शिखर तक पहुंचाने का प्रयास करूंगा।
दूरस्थ शिक्षा के नए सशक्त,अनुभवी निदेशक डॉ. मेहता ने कहा,एकजुटता से करेंगे शैक्षणिक उत्थान
2008 में स्थापित दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के डॉ. मेहता 11वें निदेशक के रुप पदभार ग्रहण किया। पदभार लेते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा, दूरस्थ शिक्षा निदेशालय मिथिलांचल का गौरव है, इसके माध्यम से मिथिलांचल के दूर-दराज गांवों के लोग शैक्षिक विस्तार ले रहे हैं। ऐसे संस्थान को मार्यादित रखना हम सबों का कार्य ही नहीं प्राथमिक जिम्मेदारी भी है।
डॉ. मेहता ने कर्मियों के संदर्भ में कहा, परिवार की तरह संस्थान भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पारिवारिक समस्याओं का निबटारा परिवार में होता है, ठीक उसी प्रकार ही किसी भी संस्थान की समस्याओं का निराकरण संस्थान में ही होनी चाहिए, जिससे विकास की गति को पंख मिलता है।
मौके पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. सतेंद्र नारायण रॉय, परीक्षा नियंत्रक प्रथम डॉ. उमेश कुमार दास, परीक्षा नियंत्रक द्वितीय डॉ. आनंद मोहन मिश्र साथ ही निदेशालय के सभी पदाधिकारी, शिक्षक व समस्त कर्मी उपस्थित थे।
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