Darbhanga News: बिहार के दरभंगा जिले के केवटी थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने पुलिस पर अपराधियों को बचाने और पीड़ितों को न्याय से वंचित रखने का आरोप लगाते हुए थाने पर धरना दिया। गुरुवार को हुए इस धरने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा का आरोप है कि पुलिस पीड़ितों को न्याय देने के बजाय अपराधियों का साथ दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस मामले को रफा-दफा करने के लिए अनुचित लेनदेन कर रही है। उनके अनुसार, बिहार में सुशासन की सरकार है और पुलिसिया भ्रष्टाचार तथा गुंडागर्दी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जानलेवा हमला और लूट: पुलिस पर अपराधियों से सांठगांठ का आरोप
यह पूरा मामला बीते 7 जून को केवटी (जीवरा) निवासी उमेश शर्मा के पुत्र रणधीर शर्मा पर हुए जानलेवा हमले और लूट से जुड़ा है। पीड़ित रणधीर शर्मा की दुकान ‘आयुष मोटरसाइकिल गैरेज’ में कुछ स्थानीय दबंगों ने जानलेवा हमला कर दिया था। पीड़ित पक्ष के अनुसार, मोटरसाइकिल धुलवाने के बाद मजदूरी मांगने पर मो. अरमान, मो. इरफान, मो. मुन्ना, मो. साबीर, मो. सामिरुल सहित लगभग 25 अज्ञात लोगों ने रणधीर शर्मा को लाठी, डंडे, बेल्ट और लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा। इस दौरान रणधीर शर्मा अधमरा हो गए।हमलावरों ने दुकान के गल्ले से 22,500 रुपये की नगद राशि भी लूट ली। इस गंभीर मामले में पुलिस ने केस (कांड संख्या- 177/26) तो दर्ज कर लिया, लेकिन मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी करने के बजाय मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।




विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने केवटी थाना पुलिस को आड़े हाथों लेते हुए कहा, ‘पुलिस ने इतनी बड़ी जानलेवा घटना और लूटपाट के बाद भी नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं किया। पुलिस ने अभियुक्तों से सांठगांठ कर मामले को दबाने की कोशिश की।’
न्याय मिलने तक संघर्ष जारी: विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा
विधायक ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार को और प्रताड़ित करने तथा मुख्य मामले को कमजोर करने के लिए पुलिस ने अभियुक्त पक्ष की तरफ से एक झूठा काउंटर केस भी दर्ज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक न्याय नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
दरभंगा पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर खत्म हुआ धरना
डॉ. मुरारी मोहन झा ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दरभंगा) से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, केवटी थाना प्रभारी की भूमिका की जांच करने और दोषियों को तुरंत सस्पेंड कर पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की है। धरने की खबर मिलते ही सीटी एसपी और कमतौल एसडीपीओ सुभेन्दर कुमार धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने विधायक से वार्ता के दौरान जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त किया गया।इस धरने में पीड़ित परिवार के साथ केवटी पूर्वी के मंडल अध्यक्ष सतीश कुमार यादव, करुणानंद मिश्र, विनोदानंद झा, पप्पू मिश्र, भैरव झा, रमण कुमार मिश्र, सुशील चौपाल, अवधेश मिश्र, राजेश कुमार, संतोष कुमार साहु, गणेश सहनी, लक्ष्मेश्वर गिरी, अरोध शर्मा, उमेश शर्मा, श्रेयस लाल दास, बिमल झा, रामचंद्र राय और बिनोद यादव जैसे कई स्थानीय नेता व ग्रामीण भी शामिल थे।विधायक के इस धरने और गंभीर आरोपों के बाद बिहार पुलिस प्रशासन पर निष्पक्ष जांच का दबाव बढ़ गया है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।







